सात पीजी विभाग में नामांकन बंद, 122 में सिर्फ 15 रेगुलर शिक्षक हैं कार्यरत
वेटनरी काउंसिल ऑफ इंडिया मानक पूरा नहीं करने पर मान्यता देने पर करेगा पुनर्विचार
रांची : बीएयू अंतर्गत रांची वेटनरी कॉलेज पर वेटनरी काउंसिल अॉफ इंडिया (वीसीआइ) की तलवार लटकी हुई है. वीसीआइ ने पत्र भेजकर कहा है कि वीसीआइ के न्यूनतम मानक कोे पूरा नहीं करने पर काउंसिल कॉलेज की मान्यता जारी रखने पर पुनर्विचार करेगा.
इससे पूर्व वीसीआइ ने 12 जुलाई 2016 पत्र भेजकर वीसीआइ के न्यूनतम मानक को अगस्त 2016 में ही पूरा करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक मानक पूरा नहीं हो पाया है. कॉलेज में शिक्षकों के कुल 122 स्वीकृत पद हैं, लेकिन इसके विरुद्ध मात्र 15 रेगुलर शिक्षक ही कार्यरत हैं, जबकि नौ टीचिंग असिस्टेंट हैं अौर 10 अनुबंध पर कार्यरत शिक्षक हैं. कॉलेज में कुल 60 सीटें निर्धारित हैं, लेकिन वीसीआइ अपने कोटा की नौ सीटोंं पर विद्यार्थी नहीं भेज रहा है.
फलस्वरूप कॉलेज में कुल 51 सीटों पर ही नामांकन झारखंड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से हो रहा है. शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विवि द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व ही अधियाचना भेजी गयी है, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया लंबित है. कॉलेज में सात विभाग ऐसे हैं, जिनमें एक भी रेगुलर शिक्षक नहीं हैं. इनमें बायोकेमिस्ट्री, न्यूट्रिशन, एलपीटी, वीपीएच, पारा सेटोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी अौर एनिमल ब्रिडिंग जेनेटिक्स विभाग शामिल हैं. इन विभागों में पीजी की पढ़ाई बंद कर दी गयी है. साथ ही शोध कार्य बंद हो गये हैं.
सत्र 2019-20 का नामांकन छह को : वेटनरी कॉलेज में कुल 51 सीटों पर नामांकन के लिए झारखंड संयुक्त परीक्षा पर्षद द्वारा काउंसेलिंग पूरी हो गयी है. वेटनरी कॉलेज में छह अगस्त को नामांकन लेने की तिथि निर्धारित की गयी है, जबकि 16 या 17 अगस्त से कक्षाएं शुरू कर दी जायेंगी.
क्या कहते हैं डीन
वेटनरी कॉलेज के डीन डॉ एमपी सिन्हा ने कहा है कि कॉलेज में शिक्षकों की कमी है. वीसीआइ ने न्यूनतम मानक पूरा करने का निर्देश दिया है. शिक्षकों की नियुक्ति के लिए काफी पहले जेपीएससी के पास प्रस्ताव भेजा जा चुका है. विवि की ओर से राज्य सरकार में नियुक्त फील्ड डॉक्टर, जो असिस्टेंट प्रोफेसर की योग्यता रखते हैं, उन्हें वेटनरी कॉलेज में पढ़ाने के लिए भी सरकार से मांग की जा रही है. जिससे शिक्षकों की कुछ हद तक कमी दूर हो सके. इस संबंध में कुलपति से आग्रह किया गया है.
