रांची : हिंदपीढ़ी के नाला रोड में 24 जुलाई को पांच वर्षीय फलक अख्तर की मौत नाले में बहने से हो गयी थी. इसके बाद शहर भर में रांची नगर निगम की कार्यप्रणाली और लापरवाही को लेकर जोर-शोर से विरोध प्रदर्शन हुआ.
मामला विधानसभा तक पहुंच गया. इसके बाद नगर निगम ने पूरे शहर में नालों का सर्वे कराया. इसमें पता चला कि पूरे शहर में नालों की कुल लंबाई 14 लाख एक हजार मीटर है. इसमें केवल पांच लाख 57 हजार मीटर नालों को ही स्लैब से ढंका गया है. जबकि, आठ लाख 44 हजार मीटर नाले खुले हुए हैं.
नाले में गिर कर जान गंवाने वाली पांच वर्षीय फलक अख्तर वार्ड नंबर-23 के नाला रोड में रहती थी. नगर निगम के सर्वे में पता चला है कि इस वार्ड में केवल 4903 मीटर नाले ही स्लैब से ढंके हुए हैं. जबकि, इस वार्ड की 17630 मीटर नाले खुले हुए हैं.
यानी अब तक इन नालों के ऊपर कोई स्लैब नहीं लगा हुआ है. नगर निगम ने प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले उन बड़े नालों का सर्वेक्षण कराया है, जिनमें गिरने से किसी की जान जाने का खतरा हो सकता है. नगर निगम ऐसे नालों की सूची तैयार करा रहा है. ताकि इन पर स्लैब डालन के लिए सरकार से राशि की मांग की जा सके.
