गोंदा थाना क्षेत्र में दवा व्यवसायी के घर बुधवार की देर रात हुई वारदात
रांची : गोंदा थाना क्षेत्र में दवा व्यवसायी के बंगले पर धावा बोल कर डकैतों ने लाखों की संपत्ति लूट ली. पांच की संख्या में आये अपराधी कांवरिया के वेश में थे और गेरुआ रंग का हाफ पैंट, टी शर्ट और ऊपर से शर्ट पहने हुए थे.
जानकारी के मुताबिक पिस्टल व अन्य हथियार के साथ बदमाश बुधवार की रात 1:10 मिनट पर सीएमपीडीआइ के पीछे मिसिर गोंदा, माली टोला, जतरा मैदान के पास स्थित दवा व्यवसायी मनीष कुमार के बंगले के कैंपस में घुसे. बंगले के निचले हिस्से में किरायेदार रहते हैं.
वहां कुछ नहीं किया. अपराधी मेन गेट के पिलर पर चढ़ कर बालकनी में पहुंचे और ड्राइंग रूम का दरवाजा तोड़ कर अंदर घुस गये. इसके बाद मनीष कुमार, उनकी पत्नी कृति सिंह, पुत्री कृतिका सिंह उर्फ खुशी व भतीजा कर्ण उर्फ चिंटू को एक ही कमरे में हाथ-पैर बांधकर बंधक बना दिया. एक अपराधी पिस्टल के साथ उन पर निगाह रखे हुए था. बाकी चार अपराधी तीन घंटे तक अलमारी, दीवान व सूटकेस खोल कर चार लाख नकद और चार लाख के गहने लूट लिये. मनीष कुमार का श्रद्धानंद रोड स्थित एमके फार्मा है.
उनके बयान पर गोंदा थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है़ पुलिस ने चड्डी बनियान गिरोह के शामिल होने की आशंका व्यक्त की है. घटना की सूचना पर एसएसपी अनीश गुप्ता, सिटी एसपी हरिलाल चौहान समेत पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच की.
पहले व्यवसायी का मोबाइल लिया, फिर पत्नी का फोन तोड़ डाला
जानकारी के मुताबिक बंगले में घुसते ही अपराधियों ने सबसे पहले मनीष कुमार मोबाइल कब्जे में लिया और सिम निकाल कर तोड़ दिया. फिर कृति सिंह का मोबाइल पटक कर तोड़ दिया. डकैती के दौरान अपराधियों में से एक के पास पिस्टल और बाकी के पास चाकू था.
लूटपाट करने के बाद भागने के दौरान एक अपराधी का चाकू मौके पर छूट गया. पुलिस ने उसे कब्जे में लिया है़ सभी अपराधियों ने मास्क लगाने के बाद गमछे से चेहरा ढंक रखा था. वे आपस में स्थानीय भाषा में बात कर रहे थे़ कृति सिंह ने बताया कि गैंग का लीडर 45 से 48 वर्ष का था, जबकि दो अपराधी 30 से कम व दो अपराधी 25 वर्ष से कम के थे़
बेटी गोल में पढ़ती है, इतना कमा कर क्या करोगे
लूटपाट के दौरान एक अपराधी ने मनीष कुमार से कहा कि आपकी एक बेटी है जो गोल इंस्टीट्यूट में पढ़ती है. इतना कमा कर क्या करेंगे़ इतना ही नहीं अपराधियों को घर के बारे में पूरी जानकारी थी़ इसका पता इस बात से चलता है कि चिंटू को कब्जा में लेने के बाद अपराधी सीधे मनीष कुमार के कमरे के पास गये. आवाज देकर उन्हें दरवाजा खोलने को कहा़ इस पर कृति चिल्लायी, तो अपराधी ने उन पर हाथ छोड़ दिया. इधर गोंदा पुलिस ने नौकरानी पूनम, पलंबर जितेंद्र सिंह व मनोरंजन स्वांसी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है़ पूनम काफी दिनों से काम करती है, जबकि पलंबर एक सप्ताह से काम कर रहा था़
सुबह चार बजे भागे, दारोगा की पत्नी ने देखा
पुलिस और पीसीअार की डर से अपराधी गुरुवार की सुबह करीब चार बजे बंगले से निकले. कृति सिंह के अनुसार बदमाश लूट का सारा सामान सूटकेस व चादर में लपेट कर ले गये. इसके बाद जतरा मैदान के पास एक कार आयी, जिसमें वे लोग बैठ कर चले गये़ कार में बैठते समय बगल में रहनेवाले सीअाइडी के दारोगा ललन सिंह की पत्नी ने देखा था. उस समय वह टहलने के लिए निकली थीं.
एसएसपी ने एसआइटी का गठन किया
एसएसपी अनीश गुप्ता ने मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया है, जिसमें दो डीएसपी और तीन इंस्पेक्टर है़ं एसएसपी का कहना है कि कुछ सुराग मिले है़ं शीघ्र ही मामले का खुलासा किया जायेगा. वहीं, देर रात घटना को लेकर एसएसपी ने ग्रामीण व सिटी एसपी सहित सभी डीएसपी व थानेदार के साथ सिटी कंट्रोल रूम में बैठक की़ इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में तैनात पीसीआर के पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया.
रांची़ : भाजपा नेता पत्नी के साथ गये थे खलारी, चोरों ने पुंदाग वाले घर में कर ली चोरी
रांची़ : पुंदाग ओपी क्षेत्र के राजनगर निवासी भाजपा नेता विजय कुमार अग्रवाल के घर का ताला तोड़ कर चोरों ने जेवरात और पैसों पर हाथ साफ कर दिया. घटना की जानकारी उन्हें गुरुवार को उस वक्त मिली, जब वह पत्नी के साथ खलारी से घर पहुंचे. घर पहुंचने पर देखा कि चहारदीवारी की गेट का ताला बंद है. जबकि घर के मेन गेट का ताला टूटा हुआ है. कमरे में जाने पर देखा कि सामान बिखरा पड़ा है.
आलमारी से सोने की दो चेन, एक अंगूठी, एक लैपटॉप, 40 हजार रुपये, आधार कार्ड और पैन कार्ड गायब हैं. आस-पास के लोगों से पूछताछ करने के बाद पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने विजय कुमार अग्रवाल की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. विजय ने बताया कि उनका एक घर खलारी में भी है. वह पत्नी के साथ बुधवार को खलारी गये थे. वापस आने पर चोरी की जानकारी मिली. इस वजह से स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घटना कब घटी.
