रांची : राज्य के 1776 प्रज्ञा केंद्रों द्वारा बिजली बिल के 6.82 करोड़ रुपये के गबन मामले में अॉडिट कराने की अनुशंसा सीएजी से की गयी है. इसको लेकर झारखंड राज्य विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीबीएनएल) ने सीएजी को पत्र लिखा है. गौरतलब है कि जेवीबीएनएल ने 6.82 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में 1776 प्रज्ञा केंद्रों के संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे चुका है. निगम ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रज्ञा केंद्रों पर बिजली बिल और नये कनेक्शन के लिए फीस जमा करने की व्यवस्था की थी.
इन प्रज्ञा केंद्रों पर निगम के लिए जमा की जानेवाली राशि को निगम के खाते में जमा करना था. प्रज्ञा केंद्र के संचालकों ने उपभोक्ताओं से बिल की वसूली करने के बाद इसे निगम के खाते में जमा करने में गड़बड़ी की. शिकायत मिलने पर निगम ने इसकी जांच की. इसमें यह पाया गया कि प्रज्ञा केंद्र के संचालकों ने 60,221 मामलों में उपभोक्ताओं से वसूले गये 6.82 करोड़ रुपये को निगम के खाते में जमा नहीं किया है.
