रांची : हजारीबाग के करियापुर में ब्रास व ब्रांज यूटेंसिल कलस्टर का निर्माण होगा, जहां कारीगर प्रशिक्षण पाकर आधुनिक तकनीक से बर्तन बनाना सीखेंगे. भारत सरकार ने कलस्टर की मंजूरी प्रदान कर दी है. यहां पीतल व तांबा के बर्तनों का उद्योग विकसित किया जायेगा. स्थानीय लोगों को बर्तन बनाने के लिए नयी तकनीक से प्रशिक्षण देने की व्यवस्था होगी. वर्तमान में यहां 40 से 50 लोग इस उद्योग से जुड़े हुए हैं.
उद्योग विभाग के एक अधिकारी के अनुसार अभी जो लोग काम कर रहे हैं, वह पारंपरिक तरीके से बर्तन बनाते हैं. इससे उत्पादन कम होता और आमदनी भी कम होती है. लेकिन कलस्टर बन जाने पर मशीन के इस्तेमाल से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि कारीगरों की आमदनी भी बढ़ेगी. भारत सरकार ने कलस्टर विकसित करने के लिए 3.54 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इसमें 2.73 करोड़ रुपये भारत सरकार देगी और शेष रकम राज्य सरकार वहन करेगी.
उद्योग विभाग द्वारा अपनी अनुषंगी इकाई झारखंड इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन(जिडको) को परियोजना पर काम करने की जिम्मेवारी दी गयी है. जिडको द्वारा अभी करियापुर के लिए डीपीआर तैयार करने का काम किया जा रहा है.
