रांची : हरमू मुक्तिधाम स्थित विद्युत शवदाह गृह का संचालन अब मारवाड़ी सहायक समिति करेगी. इसके लिए मारवाड़ी सहायक समिति ने नगर निगम को प्रस्ताव दिया था, जिस पर निगम की सहमति मिल गयी है. अब शनिवार को निगम बोर्ड की बैठक में उक्त प्रस्ताव को रखा जायेगा. प्रस्ताव पर सहमति मिलने के साथ ही इसे मारवाड़ी सहायक समिति के हवाले कर दिया जायेगा.
समिति के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि समिति अपने निजी खर्च से इस शवदाहगृह का जीर्णोद्धार करेगी. इसके लिए निगम व सरकार से किसी प्रकार की मदद नहीं ली जायेगी. जो मशीनें इस शवदाह गृह में कंडम हालत में पड़ी हैं, उसे भी निगम के हवाले किया जायेगा. हम यहां नयी मशीनें लगायेंगे. छह माह के अंदर यह शवदाहगृह काम करने लगेगा.
11 सालों से बंद पड़ा है विद्युत शवदाह गृह : वर्ष 2008 में आरआरडीए ने तीन करोड़ से विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कराया था. इस शवदाह गृह के उदघाटन के लिए रिम्स से पांच लावारिस लाशों को लाकर जलाया गया था. बाद में धार्मिक रीति-रिवाज को लेकर भी लोगों ने इसमें लाशें नहीं जलायी. इस कारण इसके गेट पर ताला लटक गया. बाद में देखरेख नहीं होने के कारण इसके कई उपकरण चोरी हो गये.
ये गैरजिम्मेदार लोग रांची को कभी स्वच्छ नहीं होने देंगे
राजधानी को स्वच्छ और सुंदर बनाने व इसकी छवि सुधारने के लिए सरकार से लेकर रांची नगर निगम तक पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. लेकिन, ये तस्वीरें यह बता रही हैं कि चंद लोगों के गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण रांची कभी भी स्वच्छ नहीं हो पायेगी. नगर निगम और सरकार की ओर से शहर में समय-समय पर स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं, साथ ही जगह-जगह मॉड्यूलर टॉयलेट बनाये गये हैं. लेकिन, इन जैसे लोगों को इन सब से फर्क नहीं पड़ता है. इनका जहां मन हुआ, वहीं हल्के हो लेते हैं.
