शहरी इलाकों में कंक्रीट से नहीं करें तालाबों की घेराबंदी
मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को दिया निर्देश
रांची : मुख्य सचिव डॉक्टर डीके तिवारी ने शहरी क्षेत्रों में सुंदरीकरण के नाम पर कंक्रीट से तालाबों की घेराबंदी पर पाबंदी लगा दी है. साथ ही तालाबों की घेराबंदी के लिए मानक और उद्देश्य निर्धारित कर दिया. इस सिलसिले में उपायुक्तों को निर्देश जारी किया गया है. निर्देश में कहा गया है कि कंक्रीट से तालाबों की घेराबंदी करने से जलस्रोत बाधित और पर्यावरण को नुकसान होता है.
इसलिए शहरी क्षेत्र में सुंदरीकरण के नाम पर कंक्रीट से तालाबों की घेराबंदी नहीं होगी. घेराबंदी के लिए दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल करें जिससे सुंदरता भी बढ़े और जल स्रोत बाधित नहीं हो. विद्यालय, खेल के मैदान, धार्मिक स्थल आदि की जमीन को अतिक्रमण से बचाने के लिए की जानेवाली घेराबंदी में भी कंक्रीट के विकल्पों काइस्तेमाल करें. सुरक्षा की दृष्टि से की जानेवाली घेराबंदी में ईंट ग्रिल का इस्तेमाल किया जाये. मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों एवं छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्रों व आंगनबाड़ी केंद्रों में सिर्फ फेंसिंग करने का निर्देश दिया है.
कब्रिस्तान की ट्रेंचिंग और बालिका विद्यालय की चहारदीवारी में ईंट और कंटीले तारों के इस्तेमाल का निर्देश दिया है. उन्होंने प्रखंड, अंचल परिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सड़क की तरफ ग्रिल वॉल तथा पीछे की ओर चहारदीवारी बनाने का निर्देश दिया है. मुख्य सचिव के आदेश के आलोक में पार्कों की घेराबंदी सिर्फ ग्रिल से की जा सकेगी. जबकि महिला छात्रावास की घेराबंदी चहारदीवारी से की जायेगी.
