रांची : राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने कहा है कि यदि भारत को वर्ष 2025 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था में तब्दील होना है, तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कंपीटीटिव एबिलिटी के साथ-साथ सर्विस सेक्टर से जुड़े मौजूदा परिवेश में भी बुनियादी बदलाव सुनिश्चित करने होंगे. इन बदलावों को बल देने के लिए स्पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) को सक्षम बनाना होगा और सरल नियम बनाने होंगे.
श्री पोद्दार राज्यसभा में स्पेशल इकोनॉमिक जोन संशोधन विधेयक 2019 पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे. श्री पोद्दार ने कहा कि खुले बाजार की अर्थव्यवस्था के प्रचलन में आने के बाद उद्योग, व्यापार, निवेश आदि का पूरा परिदृश्य ही बदल गया है. ऐसे में परंपरागत तरीके से उद्योग-व्यापार-निवेश की गतिविधियां चलाकर देश की आर्थिक उन्नति की उम्मीद नहीं की जा सकती. झारखंड के गोड्डा में 425 हेक्टेयर क्षेत्र में भी सरकार ने अडाणी पावर की 14000 करोड़ रुपये की सेज परियोजना को मंजूरी दे दी है. इस परियोजना में बनने वाली पूरी बिजली बांग्लादेश को निर्यात की जायेगी.
