रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स की व्यवस्था सुधारने में जुटे हैं. मंगलवार को उन्होंने रिम्स का औचक निरीक्षण कर जमीनी हकीकत देखी. वहीं बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में रिम्स को लेकर पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्टरों की एसीबी से जांच करायी जायेगी. उन्होंने कहा कि ऐसे कई डॉक्टरों की सूची मिली है, जो रिम्स में कार्यरत हैं और निजी प्रैक्टिस करते हैं. सबकी जांच करायी जायेगी. वहीं, रिम्स में घुमनेवाले दलालों पर भी कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि दलालों को पकड़ कर सीधे केस दर्ज करायें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिम्स को चुस्त-दुरुस्त करना सरकार की प्राथमिकता है. रिम्स में नयी ओपीडी बनायी जायेगी. साथ ही सुझाव दिया कि कुछ ओपीडी को तत्काल पेइंग वार्ड परिसर में शिफ्ट करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों का इलाज हो सके. उन्होंने रिम्स परिसर में बनी दुकानों को हटाने और उन्हें आसपास कहीं बसाने का निर्देश दिया. कहा कि सरकार केवल किसी को उजाड़ने में विश्वास नहीं रखती है. उन्हें बसाना भी सरकार का लक्ष्य है. पार्किंग भी चिह्नित करें और वाहन वहीं खड़े हों, इसे सुनिश्चित करें. कहा कि रिम्स की सुरक्षा व्यवस्था अब झारखंड पुलिस संभालेगी. मुख्यमंत्री ने डीजीपी कमल नयन चौबे को रिम्स जाकर जरूरत के मुताबिक सुरक्षा बल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को तीन शिफ्ट में रखा जायेगा.
-सात दिन में मशीन ठीक करायें विभागाध्यक्ष, वर्ना कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर खबरें आती हैं कि रिम्स में मशीन खराब होने के कारण मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है. इसमें सबकी मिलीभगत की बात सामने आती रहती है. रिम्स में मशीन खराब होने के एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने की जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष की है. इसमें देर होने पर उन पर कार्रवाई होगी. बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 दिनों के भीतर सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों के पद सृजित किये जायेंगे. एक माह में नर्सों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. सुरक्षा मानकों का पूरा अनुपालन किया जायेगा.
दुर्घटना मामलों की देखरेख के लिए ऑफिसर ऑन ड्यूटी होंगे तैनात
मुख्यमंत्री ने दुर्घटना मामलों की देखरेख के लिए ऑफिसर ऑन ड्यूटी (ओडी) के साथ एक टीम भी तैनात करने का निर्देश दिया. मरीजों के साथ आनेवाले परिजनों के लिए पास जारी करने और मिलने का समय निर्धारित करने का भी निर्देश दिया.
दवाओं के स्टॉक को कंप्यूटरीकृत करें
मुख्यमंत्री ने दवाओं के स्टॉक को कंप्यूटरीकृत करने को कहा, ताकि दवा की उपलब्धता की सही जानकारी मिलती रहे. उन्होंने कहा कि दवा की कमी न रहे, इसका विशेष ध्यान रखें. सरकार रिम्स की बेहतरी के लिए हर संभव मदद के लिए तैयार है.
बैठक में शामिल पदाधिकारी
बैठक में मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, वित्त सचिव केके खंडेलवाल, डीजीपी कमल नयन चौबे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार बर्णवाल, स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, पेयजल एवं स्वच्छता सचिव आराधना पटनायक, भवन निर्माण सचिव सुनील कुमार, रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह समेत कई अधिकारी उपस्थित थे.
सख्ती
रिम्स में घुमनेवाले दलालों को पकड़े और सीधे केस दर्ज करायें
रिम्स परिसर में बनी दुकानों को हटाने का दिया निर्देश
सुझाव
पेईंग वार्ड परिसर में तत्काल कुछ ओपीडी शिफ्ट करें
नयी आधुनिक ओपीडी बनेगी
सुरक्षा व्यवस्था पुलिस संभालेंगी
निर्णय
15 दिनों में सीनियर रेसीडेंट चिकित्सकों के पद होंगे सृजित
30 दिन में नर्सों की भर्ती की प्रक्रिया कर ली जायेगी पूरी
