रांची : लंबित मामलों पर देना होगा एसपी को जवाब

वरीय पुलिस पदाधिकारियों के अलावा डीजीपी खुद करेंगे लंबित मामलों की समीक्षा रांची : डीजीपी केएन चौबे लंबित मामलों का तेजी से निबटारा किये जाने को लेकर गंभीर हैं. उन्होंने कहा कि अब हर जिले के लंबित मामलों की समीक्षा की जायेगी. मामला ज्यादा दिनों से लंबित रहने पर संबंधित जिलों के एसपी को जवाब […]

वरीय पुलिस पदाधिकारियों के अलावा डीजीपी खुद करेंगे लंबित मामलों की समीक्षा
रांची : डीजीपी केएन चौबे लंबित मामलों का तेजी से निबटारा किये जाने को लेकर गंभीर हैं. उन्होंने कहा कि अब हर जिले के लंबित मामलों की समीक्षा की जायेगी.
मामला ज्यादा दिनों से लंबित रहने पर संबंधित जिलों के एसपी को जवाब देना होगा. उन्हें वाजिब कारण बताना होगा कि मामला इतने दिनों तक क्यों लंबित रहा. उन्होंने अपने स्तर पर लंबित मामलों के निबटारा के लिए क्या किया. साथ ही लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो, इसके लिए वे क्या करेंगे. प्रभात खबर से बातचीत में डीजीपी ने कहा कि जिलों के हर एसपी को अपनी कार्ययोजना देनी होगी. उस योजना पर वे कैसे काम करेंगे और कब तक उस योजना को पूरा करेंगे. इस पर मुख्यालय के स्तर से नजर रखी जायेगी.
जिले छोटे हो गये, संसाधन बेहतर, एसपी को देना होगा परिणाम : डीजीपी ने कहा कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से पहले की तुलना में जिले छोटे हो गये हैं.
संसाधन बेहतर हुए हैं. एेसे में एसपी को अच्छे परिणाम देने होंगे. अपराधियों और नक्सलियों की सूची देनी होगी. उन पर कार्रवाई के लिए वे क्या कर रहे हैं, यह बताना होगा.
एफआइआर दर्ज नहीं करनेवाले थानेदार पर होगी कार्रवाई : डीजीपी ने कहा कि कई बार यह सुनने को मिलता है कि थानों में एफआइआर लेने में आनाकानी की जाती है, ताकि अपराध का आंकड़ा नहीं बढ़े.
अब ऐसा नहीं होगा. अब कोई भी व्यक्ति थाना जायेगा, तो उनकी शिकायत पर थानेदार को प्राथमिकी दर्ज करनी ही होगी. ऐसा नहीं करने पर संबंधित थानेदार पर कार्रवाई होगी. डीजीपी ने कहा कि पुलिसिंग में थाना सबसे अहम कड़ी है. उनकी पैनी नजर थानों की कार्यप्रणाली पर होगी. थाना स्तर पर जो अफसर हैं, उन्हें संवेदनशील बनना होगा.
संबंधित जिलों के एसपी को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि आमलोगों को थाना स्तर पर परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. जो अफसर सही से काम नहीं करेंगे, उन्हें हटा दिया जायेगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर सारे केस दर्ज होने लगेंगे, तो आंकड़ा बढ़ेगा. इसका यह मतलब नहीं कि क्राइम बढ़ा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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