रांची : विभिन्न जिलों के 100 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के टेली मेडिसिन सेंटर इसी वर्ष 20 फरवरी से शुरू हुए हैं. इधर गत 100 दिनों में यहां 48,637 मरीजों की जांच हुई है. इनमें से 45,552 को कंसलटेशन फैसिलिटी दिलायी गयी. इस केंद्रीय योजना को डिजिटल डिस्पेंसरी सेंटर का नाम दिया गया है.
गौरतलब है कि टेली मेडिसिन सेंटर में मरीजों को अपोलो हैदराबाद के चिकित्सक विशेषज्ञ सलाह देते हैं. मरीज की धड़कन इ-स्टेथोस्कोप से जांची जाती है. जांच के बाद हैदराबाद के चिकित्सक संबंधित मरीज के लिए इ-प्रिसक्रिप्शन जारी करते हैं, जिसके आधार पर मरीजों को जेनेरिक दवाएं दी जाती हैं.
इस पूरी व्यवस्था पर सरकार एक मरीज की जांच पर 269.50 रुपये खर्च कर रही है, जिसे न्यूनतम खर्च बताया जा रहा है. सभी टेली मेडिसिन सेंटर सोमवार से शनिवार तक सुबह 10 से शाम चार बजे तक यानी छह घंटे खुले रहते हैं. सरकार ने आम लोगों से इन केंद्रों का लाभ उठाने की अपील की है.
क्या है लाभ : टेली मेडिसिन सेंटर दूर-दराज के मरीजों के लिए लाभदायक है. बीमार लोगों को बेहतर इलाज के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ती तथा मरीज का खर्च बचता है. वहीं इस व्यवस्था से रिम्स सहित अन्य अस्पतालों पर मरीजों का बोझ कम होने की भी उम्मीद है.
पांच साल का प्रोजेक्ट : अपोलो को पांच साल तक सभी टेली मेडिसिन सेंटर का संचालन करना है. इसके बाद राज्य सरकार यह व्यवस्था अपने हाथ में ले लेगी. सिस्टम के स्थायित्व के प्रयास इन पांच वर्षों के दौरान ही शुरू होंगे. अंतत: अपोलो, हैदराबाद के स्थान पर रिम्स को एक्सपर्ट सेंटर बना दिया जायेगा.
