रांची : एक जुलाई से राज्य भर में शुरू हो रहे समेकित लेप्रोसी सह टीबी खोज अभियान की सफलता के लिए राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक डॉ शैलेश कुमार चौरसिया ने शुक्रवार को नामकुम आरसीएच स्थित अपने कार्यालय कक्ष में संबंधित पदाधिकारियों के साथ स्टेट मीडिया को-अॉर्डिनेशन की बैठक में उक्त निर्देश दिया.
कुष्ठ रोग और टीबी को लेकर जागरूकता अभियान एक से
रांची : एक जुलाई से राज्य भर में शुरू हो रहे समेकित लेप्रोसी सह टीबी खोज अभियान की सफलता के लिए राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक डॉ शैलेश कुमार चौरसिया ने शुक्रवार को नामकुम आरसीएच स्थित अपने कार्यालय कक्ष में संबंधित पदाधिकारियों के साथ […]

उन्होंने कहा कि टीबी और लेप्रोसी का इलाज संभव है. लोगों के बीच इन बीमारियों से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने में मीडिया बड़ी भूमिका निभा सकता है. अत: ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने में मीडिया से सहयोग की अपेक्षा है.
घर–घर जाकर लोगों को जागरूक किया जायेगा : कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में पदाधिकारियों ने अभियान निदेशक को बताया कि एक जुलाई से शुरू हो रहे अभियान में राज्य भर में गांव स्तर पर सहिया और एक पुरुष कार्यकर्ता को शामिल कर एक खोजी दल बनाया गया है.
दल के सदस्य घर–घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और त्वचा जांच के अलावा यक्ष्मा के लक्षण वाले मरीजों की पहचान करेंगे. चिह्नित मरीजों को स्वास्थ्य उपकेंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच की विशेष सुविधा दी जायेगी. जांच के बाद कुष्ठ या यक्ष्मा रोक की पुष्टि होने पर उनका इलाज किया जायेगा. इस अभियान को सफल बनाने के लिए 12 जून से 21 जून तक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा.
जिसमें जिला कुष्ठ पदाधिकारी, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कार्यक्रम समन्वयक के साथ साथ प्रखंड स्तर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखंड कार्यक्रम समन्वयक को अभियान कार्यक्रम की जानकारी दी जायेगी.14 जून से 24 जून तक जिला समन्वय समिति की बैठक और 14 जून से 26 जून तक प्रखंड समन्वय समिति की बैठक आयोजित की जायेगी. बैठक में निदेशक प्रमुख डॉ राजेंद्र पासवान, डॉ जेपी सांगा, डॉ दयाल और विभिन्न कोषांगों के परामर्शी उपस्थित थे.