रांची : नवनिर्मित ट्रॉमा और सेंट्रल इमरजेंसी का भवन रिम्स प्रबंधन को मिल गया है. उसकी आंतरिक साज-सज्जा का काम भी पूरा कर लिया गया है. हालांकि, अब भी कई महत्वपूर्ण उपकरणों की खरीद होना बाकी है, जिनमें सीटी स्कैन, एक्स-रे, सीआर्म सहित कई छोटे-छाेटे उपकरण शामिल हैं.
जरूरी सामान की लिस्ट तैयार की जा रही है. कुछ छोटे उपकरण तो तत्काल मिल जायेंगे, लेकिन सीटी स्कैन आदि जैसी बड़ी मशीनों के आने समय लगेगा. वहीं, ऑपरेशन थियेटर में ओटी लाइट और ओटी टेबल लगाने का काम अभी बाकी है. ऐसे में संभावना जतायी जा रही है कि रिम्स के ट्रॉमा सेंटर को पूरी तरह से शुरू होने में अभी एक माह और लग सकता है.
इधर, ट्रॉमा सेंटर के लिए सर्जरी विभाग के दो और हड्डी विभाग के एक डॉक्टर ने योगदान दे दिया है. सर्जरी विभाग से डॉ कुमार गौरव और डाॅ खुशबू रानी ने योगदान दिया है. वहीं, हड्डी विभाग से डॉ अनिल प्रभात ने योगदान दिया है. इधर, ट्रॉमा सेंटर के लिए रिम्स प्रबंधन ने दो नर्स की नियुक्ति कर दी है. नर्स फिलहाल ट्रॉमा सेंंटर में आनेवालेे सामन की इंट्री करेंगी और उसको उपयुक्त स्थान पर स्थापित करायेंगी.
ट्राॅमा सेंटर और सेंट्रल इमरजेंसी का भवन तो हैंडओवर हो गया है, लेकिन अब भी काफी कुछ करना बाकी है. महत्वपूर्ण उपकरण मंगाना है. ऐसे में पूरी तरह संचालित होने में कम से कम एक माह का समय तो लगेगा ही.
डॉ आरएस शर्मा, इचार्ज, ट्रॉमा सेंटर
