हाइटेंशन समेत बीएसआइडीसी की 25 फैक्ट्रियों का मूल्यांकन शुरू
रांची : झारखंड अलग राज्य गठन के समय से हाइटेंशन फैक्ट्री, इइएफ समेत बीएसआइडीसी के अधीन सभी 25 इकाइयों की परिसंपत्तियों का अब संयुक्त कमेटी द्वारा मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया गया है. आयकर विभाग द्वारा नियुक्त वैल्यूर द्वारा मूल्यांकन कार्य किया जा रहा है. पहले चरण में वैल्यूर द्वारा बिहार स्थित इकाइयों का मूल्यांकन […]
रांची : झारखंड अलग राज्य गठन के समय से हाइटेंशन फैक्ट्री, इइएफ समेत बीएसआइडीसी के अधीन सभी 25 इकाइयों की परिसंपत्तियों का अब संयुक्त कमेटी द्वारा मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया गया है. आयकर विभाग द्वारा नियुक्त वैल्यूर द्वारा मूल्यांकन कार्य किया जा रहा है. पहले चरण में वैल्यूर द्वारा बिहार स्थित इकाइयों का मूल्यांकन किया गया. अब टाटीसिलवे और नामकुम स्थित इकाइयों का मूल्यांकन हो चुका है. केवल सिंदरी स्थित खाद कारखाना का मूल्यांकन नहीं हो सका है. बताया गया कि इसका मूल्यांकन होते ही झारखंड सरकार को रिपोर्ट सौंप दी जायेगी.
25 फैक्ट्रियों का झारखंड को नहीं मिला स्वामित्व : झारखंड में होने के बावजूद 25 फैक्ट्रियों का स्वामित्व पूरी तरह झारखंड सरकार को नहीं मिल सका है. ये सारी फैक्ट्रियां संयुक्त बिहार के समय से ही बंद हैं.इनके कई मजदूर या तो सेवानिवृत्त हो गये हैं या कई मजदूरों का देहांत हो गया है. लेकिन अब तक इन फैक्ट्रियों की बाबत कोई निर्णय नहीं हो सका है. अब फैक्ट्रियों की संपत्तियों और दायित्वों का बंटवारा मूल्यांकन के बाद होगा. संयुक्त बिहार में बीएसआइडीसी द्वारा कई इकाइयां दोनों राज्यों में आरंभ की गयी थीं.
लेकिन कई कारणों से ये फैक्ट्रियां बीआइएफआर में चली गयीं और बंद हो गयीं. लगातार यहां के मजदूरों द्वारा बकाये भुगतान की मांग की जाती रही. इधर झारखंड सरकार अपना दावा भी इन संस्थानों पर करती रही थी. परिसंपत्तियों के बंटवारे पर कई दौर की बैठकें हुई हैं. अब परिसंपत्तियां झारखंड को दे दी गयी हैं, लेकिन दायित्व को लेकर फिर पेंच फंसा हुआ है.
गठित कमेटी करेगी दायित्वों का निर्धारण : झारखंड सरकार के उद्योग विभाग द्वारा फैसला होने के बाद एक कमेटी गठित की गयी . यह कमेटी अब मूल्यांकन कर परिसंपत्ति एवं दायित्वों का निर्धारण करेगी. इस कमेटी में बिहार के अधिकारी भी रखे गये हैं. ये संयुक्त जांच दल सभी फैक्ट्री का निरीक्षण कर परिसंपत्ति एवं दायित्वों का निर्धारण करेगी.
कमेटी में जियाडा के सचिव सुनील कुमार सिंह,जियाडा के कार्यपालक अभियंता, बिहार सरकार द्वारा मनोनीत पदाधिकारी, संबंधित जिले के अपर समाहर्ता व इनकम टैक्स के सूचीबद्ध इवैल्यूटर हैं . इनके द्वारा अभी मूल्यांकन कार्य चल रहा है.
झारखंड स्थित इन फैक्ट्रियों के मामले हैं लंबित
- हाइ टेंशन इंस्यूलेटर फैक्ट्री नामकुम रांची
- इइएफ, टाटीसिलवे रांची
- मैलाबल कॉस्ट आयरन फैक्ट्री नामकुम रांची
- स्वर्णरेखा वाच फैक्ट्री नामकुम, रांची
- बिहार सुपरफॉस्फेट फैक्ट्री, सिंदरी धनबाद
- एनपीके ग्रेन्यूलेशन प्लांट सिंदरी धनबाद
- नालंदा सेरामिक्स गेतलसूद रांची
- प्रभात फैब्रिकेशन लिमिटेड जमशेदपुर
- एक्सले टेक्नोलॉजी लिमिटेड, रांची
- रंजन केमिकल लिमिटेड
- भगवती अॉक्सीजन लिमिटेड घाटशिला
- बिहार फाउंड्री एंड कॉस्टिंग लिमिटेड, रांची
- बिहार कॉस्टिक एंड केमिकल लिमिटेड गढ़वा रोड
- मगध स्पन पाइप लिमिटेड, हिरोडीह कोडरमा
- बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड, चांडिल सरायकेला
- बिहार एयर प्रोडक्ट्स लिमिटेड, जमशेदपुर
- मिहिजाम वनस्पति लिमिटेड, चित्तरंजन, जामताड़ा
- बिहार गैसेस लिमिटेड, जसीडीह, देवघर
- राजहंस स्टील लिमिटेड, धनबाद
- कुमारडडूबी मेटल कॉस्टिंग एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड, धनबाद
- बिहार ट्रांसमिशन लिमिटेड, जसीडीह, देवघर
- प्रोग्रेसिव सीमेंट लिमिटेड, जसीडीह, देवघर
- मयूरलाइम प्रोडक्ट्स लिमिटेड, पतरातू, रामगढ़
- बिहार सॉल्वेंट एंड केमिकल लिमिटेड, लातेहार
- इंडियन कलर शीट लिमिटेड, रांची