रांची : बिल्डर चंद्रकांत समेत दो को कोर्ट ने सुनायी सजा

रांची : सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश दिवाकर पांडे की अदालत ने बिल्डर चंद्रकांत रायपत (मेसर्स आधारशिला कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर) अौर आरआरडीए के तत्कालीन सहायक अभियंता रजत राय को नियमों का उल्लंघन कर भवन निर्माण करने से संबंधित मामले में सजा सुनायी है. चंद्रकांत रायपत को धोखाधड़ी अौर आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में दो साल […]

रांची : सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश दिवाकर पांडे की अदालत ने बिल्डर चंद्रकांत रायपत (मेसर्स आधारशिला कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर) अौर आरआरडीए के तत्कालीन सहायक अभियंता रजत राय को नियमों का उल्लंघन कर भवन निर्माण करने से संबंधित मामले में सजा सुनायी है. चंद्रकांत रायपत को धोखाधड़ी अौर आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में दो साल जेल की सजा सुनायी गयी .
साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. वहीं तत्कालीन सहायक अभियंता को तीन साल जेल की सजा सुनायी गयी और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
यह मामला सीबीआइ कांड संख्या आरसी 3/11 से संबंधित है. मेसर्स आधारशिला कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर ने कालीबाबू स्ट्रीट नंदन अपार्टमेंट (बी प्लस जी प्लस 8) का निर्माण कराया था.
इसकी ऊंचाई 26.1 मीटर है. जांच टीम ने पाया कि नंदन अपार्टमेंट के सामने सड़क की चौड़ाई मात्र 8.32 से 8.75 मीटर की है. उस समय के नियम के अनुसार, वैसे भवन जिसकी ऊंचाई 15 मीटर से अधिक है, तो सड़क की चौड़ाई 12 मीटर होनी चाहिए.
इस निर्माण के लिए तत्कालीन सहायक अभियंता सह प्रभारी टाउन प्लानर ने नक्शा की स्वीकृति दी थी. इसके अलावा चंद्रकांत रायपत ने जमीन मालिक का नकली हस्ताक्षर कर नक्शा पास कराया था. मामले में अभियोजन की अोर से 12 व बचाव पक्ष से दो गवाही करायी गयी थी.

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