रांची : रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित माइनिंग अफसर निरंजन प्रसाद की कार से बरामद रुपये के मामले में आयकर विभाग ने पुलिस विभाग को अपनी रिपोर्ट दे दी है. जांच रिपोर्ट में आयकर विभाग के अधिकारियों ने बरामद 50,91,800 रुपये को बेहिसाबी धन अर्थात कालाधन बताया है.
उल्लेखनीय है कि चार मई को नोट बरामदगी के बाद पुलिस ने इसकी जानकारी आयकर विभाग को दी थी. इसके बाद इसकी आरंभिक जांच आयकर विभाग ने शुरू की थी. नामकुम थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज केस की जांच एसीबी को सौंपी जा सकती है.
रिश्वत लेने का वीडियो हुआ था वायरल : उल्लेखनीय है कि जब निरंजन प्रसाद लोहरदगा में पदस्थापित थे. तब उनके द्वारा रिश्वत लेने से संबंधित एक वीडियो वायरल हुआ था. बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया था.
बरामद रुपये के संबंध में जेल जाने से पहले निरंजन प्रसाद पुलिस को यह बता चुके हैं कि जब वह लोहरदगा में पदस्थापित थे, तब वहां के विभिन्न खनन ठेकेदारों और अवैध रूप से माइनिंग करने वाले माफिया से काफी बड़ी रकम की वसूली की थी. वह नामकुम थाना क्षेत्र स्थित कालीनगर निवासी अपने चाचा के घर से रुपये लेकर जा रहे थे.
पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना : उल्लेखनीय है कि तीन मई को नामकुम पुलिस ने निरंजन प्रसाद की नैनो कार चेक करने के लिए रोकी थी. कार में उनकी पत्नी और मां भी थीं. चेकिंग के पहले पुलिस को इस बात की सूचना मिली थी कि नामकुम के कालीनगर से एक पीले रंग की नैनो गाड़ी से अवैध ढंग से अर्जित रुपये को कोई ले जाने वाला है. इसी सूचना पर नामकुम थाना में सनहा दर्ज कर वाहनों की चेकिंग शुरू की गयी थी. नामकुम थाना में निरंजन प्रसाद की पत्नी और मां को भी लाया गया था. लेकिन पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया गया था.
