रांची : गुरुवार को झारखंड राज्य खाद्य आयोग ने एक लाभुक को कम अनाज देने तथा उसके परिवार के अतिरिक्त सदस्यों का नाम राशन कार्ड में नहीं जोड़े जाने संबंधी शिकायत की सुनवाई की.
आयोग ने यह सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की. शिकायतकर्ता तथा उस क्षेत्र के मार्केटिंग अफसर पुंदाग के प्रज्ञा केंद्र में उपस्थित हुए थे. शिकायतकर्ता विमल टोप्पो ने आयोग को बताया कि उसे नवंबर 2018 से मार्च 2019 तक सिर्फ 15 किलो अनाज प्रति माह दिया गया. वहीं अप्रैल में 20 किलो, जबकि उसके परिवार में पांच सदस्य हैं. कार्ड में सिर्फ तीन सदस्यों का ही नाम है.
आवेदन देने के बावजूद कार्ड में अन्य दो सदस्यों का नाम नहीं जोड़ा जा रहा है. दूसरी शिकायतकर्ता वार्ड संख्या 38 की पार्षद सविता कुजूर ने कहा कि उसके वार्ड में नाम जोड़ने से संबंधित करीब चार सौ आवेदन दिये गये हैं. वहीं आयोग के अध्यक्ष के पूछने पर उसने कहा कि करीब 50 लोगों का राशन कार्ड रद्द भी करना है. इस पर आयोग की अोर से पार्षद को यह निर्देश दिया गया कि वह नाम जोड़ने व रद्द करने संबंधी पूरी सूची 30 अप्रैल को होनेवाली अगली सुनवाई के पहले आयोग को उपलब्ध कराये.
राशन दुकानदार रफीक अंसारी की अोर से सुनवाई में उपस्थित उसके पुत्र इश्तियाक अंसारी को आयोग ने विमल को सभी पांच सदस्यों के हिसाब से नवंबर 2018 से अप्रैल 2019 तक का बचा अनाज देने का आदेश दिया, जिसे उसने स्वीकार किया. आयोग दोनों आदेश के अनुपालन की समीक्षा 30 अप्रैल को करेगा.
