रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स का नया ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार है. रिम्स प्रबंधन ने फिलहाल पुराने भवन में संचालित सेेंट्रल इमरजेंसी को नये भवन में शिफ्ट करना चाहता है, लेकिन भवन निर्माण विभाग की हीलाहवाली के कारण शिफ्टिंग का कार्य रुका हुआ है.
जानकारी के अनुसार बिजली विभाग और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने अपनी ओर से क्लियरेंस दे दिया है, लेकिन भवन निर्माण विभाग द्वारा अनुमति नहीं दी जा रही है. इस वजह से रिम्स प्रबंधन इस भवन को हैंडओवर नहीं ले रहा है.
खास बात यह है कि रिम्स प्रबंधन इस नये भवन में ट्राॅमा सेंटर शुरू करना चाहता है, लेकिन अभी इसे शुरू करने की बात भी नहीं सोची जा सकती है. क्योंकि कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के कारण भवन हैंडओवर नहीं हो पा रहा है. करीब एक माह से हैंडओवर की बात चल रही है. निदेशक ने ट्रॉमा सेंटर की जिम्मेदारी सर्जरी विभाग के डॉ आरएस शर्मा को दी है.
…तो गंभीर मरीजों को मिलता बेहतर इलाज : रिम्स का ट्रॉमा सेंटर इसी उद्देश्य से तैयार किया गया है कि दुर्घटना में घायल गंभीर मरीजों को यहां बेहतर इजाज मिल सकेे. ट्रॉमा सेंटर में न्यूरो, सर्जरी, हड्डी, इएनटी, दांत सहित सभी विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रहेगी.
घायल मरीज को तत्काल सभी प्रकार का उपचार मिलेगा, जिससे मरीजाें की मौत को कम किया जायेगा.
100 बेड का है भवन, जिसमें 50 बेड इमरजेंसी व 50 बेड ट्रॉमा का : रिम्स का नया ट्रॉमा सेेेंटर 100 बेड है, जिसमें 50 बेड इमरजेंसी व 50 बेड ट्रॉमा का है. भवन का निर्माण 64 करोड़ की लागत से हुआ है. इसको शुरू करने के लिए रिम्स प्रबंधन ने डॉक्टर व मैनपावर के लिए आवेदन आमंत्रित किया है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है.
