रांची : पूर्व मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने सोमवार को जेपीएससी अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया. सोमवार को अधिसूचना जारी होने के बाद उन्होंने इस पद पर योगदान दिया.
श्री त्रिपाठी ने कहा कि आयोग के पेंडिंग कार्यों का निबटारा करना उनकी प्राथमिकता होगी. आयोग के कार्यों को गति दी जायेगी. खास कर विश्वविद्यालय शिक्षकों की प्रोन्नति पर खास ध्यान दिया जायेगा. उनकी प्रोन्नति पर तेजी से काम किया जायेगा. प्रमोशन लंबित न रहे, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
श्री त्रिपाठी ने कहा कि आयोग में मुख्य रूप नियुक्ति, प्रोन्नति व अफसरों पर कार्रवाई में राय देने का काम है. इन सभी चीजों पर बेहतर तरीके से काम करना है. जूनियर जजों व एपीपी की नियुक्ति करनी है. छठी जेपीएससी की नियुक्ति होनी है. इस पर तेजी से कार्रवाई की जायेगी. जो प्रोसेस बचे हैं, उसे जल्द किया जायेगा. श्री त्रिपाठी ने कहा कि आयोग पूरी पारदर्शिता के साथ काम करेगा. नियुक्ति, प्रोन्नति सारे मामलों में आयोग का कार्य बिल्कुल साफ होगा.
पदभार ग्रहण करने की तिथि से 62 वर्ष की उम्र तक रहेंगे अध्यक्ष
श्री त्रिपाठी पदभार ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम 62 वर्ष की आयु तक अध्यक्ष के पद पर रहेंगे. श्री त्रिपाठी 1985 बैच के आइएएस अफसर हैं. वह झारखंड में कई विभागों के सचिव व प्रधान सचिव रहे. इसके बाद 28 फरवरी 2018 को मुख्य सचिव के पद पर योगदान दिया.
30 सितंबर 2018 को उनकी सेवानिवृत्ति थी, लेकिन सरकार ने उन्हें दो बार तीन-तीन माह का यानी छह माह तक के लिए एक्सटेंशन दिया. इस तरह वह 31 मार्च 2019 तक मुख्य सचिव के पद पर रहे. जेपीएससी अध्यक्ष के विद्यासागर के हटने के बाद आयोग के ही वरीय सदस्य डॉ एके चट्टोराज को अध्यक्ष का प्रभार दिया गया था. श्री त्रिपाठी ने उनसे पदभार ग्रहण किया.
