धर्मांतरित आदिवासियों को एसटी सीट से न लड़ने दें

रांची : केंद्रीय सरना समिति ने मांग की है कि आदिवासी रूढ़िवादी परंपराओं को त्याग कर दूसरे धर्म-संस्कृति अपनाने वालों को एसटी आरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ने दिया जाये. शनिवार को समिति के प्रतिनिधिमंडल ने इस बाबत अपर निर्वाचन पदाधिकारी मनीष रंजन को राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है. इसमें समिति के […]

रांची : केंद्रीय सरना समिति ने मांग की है कि आदिवासी रूढ़िवादी परंपराओं को त्याग कर दूसरे धर्म-संस्कृति अपनाने वालों को एसटी आरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ने दिया जाये. शनिवार को समिति के प्रतिनिधिमंडल ने इस बाबत अपर निर्वाचन पदाधिकारी मनीष रंजन को राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है.

इसमें समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा है कि मूल आदिवासी हमेशा ठगे जाते है़ं आदिवासियों की पारंपरिक संस्कृति, धर्म नहीं मानने वाले लोग एसटी बन कर चुनाव लड़ते हैं और जीत जाने पर मूल सरना आदिवासियों के साथ भेदभाव बरतते है़ं
इससे मूल आदिवासी विकास की दौड़ में पिछड़ जाते है़ं प्रतिनिधिमंडल में सचिव डबलू मुंडा, आकाश उरांव, विनय उरांव, अशोक मुंडा, गौतम मुंडा, अमर मुंडा, मुकेश मुंडा, मुन्ना मुंडा, निर्मल मुंडा, संजय तिर्की, रवि उरांव, राजू पहान, राजन मुंडा, सचिन उरांव, सुनील उरांव व अन्य शामिल थे़
चुनाव जीतने पर मूल आदिवासियों के साथ करते हैं भेदभाव : कार्यकारी अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि यदि लोकसभा, राज्यसभा या विधानसभा की आरक्षित एसटी सीटों पर ईसाई या किसी अन्य को प्रत्याशी बनाया गया, तो समिति इसका जोरदार विरोध करेगी. धर्मांतरित लोग चुनावों में हमेशा एसटी सीटों से चुनाव लड़ते रहे हैं.

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