रांची : हाइकोर्ट में शुक्रवार को नक्सली सरेंडर पॉलिसी काे लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई.चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस एचसी मिश्र की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को माैखिक रूप से कहा कि सरेंडर पॉलिसी के विश्लेषण के लिए एक समिति बनायी जाये, जिसमें सरकारी अधिकारियों के अलावा अन्य लोगों को भी शामिल करें. समिति पॉलिसी का विश्लेषण करे तथा उसकी रिपोर्ट सरकार कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे.
अगली सुनवाई तीन मई को होगी. अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार ने खंडपीठ को बताया कि कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन का सरेंडर समारोहपूर्वक कराया गया था़ इससे समाज में गलत संदेश जाता है. ज्ञात हो कि नक्सली कुंदन पाहन के सरेंडर मामले को हाइकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए उसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था.
