इटकी : वर्ष 2025 तक राज्य से टीबी रोग का उन्मूलन करना है. इसके लिए सभी लोगों की भागीदारी आवश्यक है. आम लोगों के जागरूक होने पर ही टीबी रोग का उन्मूलन संभव है. उक्त बातें विश्व यक्ष्मा दिवस पर रविवार को इटकी यक्ष्मा आरोग्यशाला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख डॉ राजेंद्र पासवान ने कही.
उन्होंने कार्यशाला में टीबी हारेगा, देश जीतेगा का नारा दिया. कार्यशाला में टीबी चैंपियन के चार सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया. कार्यशाला को राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ राकेश दयाल ने टीबी के उन्मूलन के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी. उन्होंने इसके उन्मूलन में ग्रामीणों के अलावा आइएमए के सदस्यों से मदद की आवश्यकता जतायी. उद्घाटन स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख डाॅ पासवान व डॉ राकेश दयाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
कार्यशाला में आइएमए के राज्य सचिव डॉ प्रदीप सिंह, आरोग्यशाला के अधीक्षक सह एसटीडीसी के निदेशक डॉ रंजीत प्रसाद, उपाधीक्षक डॉ अशोक कुमार नाग, डॉ शकील अहमद, डॉ रेणू तिर्की, डॉ शंकर रंजन, डॉ एके सिंह सहित अन्य ने अपने विचार व्यक्त किये. संचालन डॉ ए मित्रा ने किया. टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करनेवाले टीबी चैंपियन के सम्मानित सदस्यों में निर्मल केरकेट्टा, वीणा गाड़ी, नागेश्वर कुमार व शिव कुमार शामिल हैं.
कार्यशाला में डब्ल्यूएचओ के डॉ राजीव सिंह, डॉ दिवाकर शर्मा, डॉ संदीप कुमार, शशिकांत नायक, श्रीचंद्र प्रसाद यादव, कंचन प्रसाद, मनोज कुमार, कौशल आलम, प्राण रंजन, सुरेश ठाकुर, नागेन साहू, सिस्टर निर्मला सहित आरोग्यशाला में भर्ती मरीज आदि मौजूद थे.
