रांची : चुनाव आयोग ने प्रचार में सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल पर लगायी रोक

सार्वजनिक सभाओं के लिए अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमति आवश्यक रांची : चुनाव आयोग ने सार्वजनिक संपत्तियों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए करने पर रोक लगायी है. राज्य के अपर मुख्य चुनाव आयुक्त मनीष रंजन ने बताया कि रेलवे स्टेशन, सरकारी औषधालय, अस्पताल, पोस्ट ऑफिस, बस स्टैंड, एयरपोर्ट, पुल, रेलवे फ्लाइओवर, सड़क पथ, सरकारी बस, […]

सार्वजनिक सभाओं के लिए अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमति आवश्यक
रांची : चुनाव आयोग ने सार्वजनिक संपत्तियों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए करने पर रोक लगायी है. राज्य के अपर मुख्य चुनाव आयुक्त मनीष रंजन ने बताया कि रेलवे स्टेशन, सरकारी औषधालय, अस्पताल, पोस्ट ऑफिस, बस स्टैंड, एयरपोर्ट, पुल, रेलवे फ्लाइओवर, सड़क पथ, सरकारी बस, सार्वजनिक या सरकारी भवन परिसर, सिविल संरचना, बिजली एवं टेलीफोन के खंभों आदि का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं करने देने का निर्देश दिया है.
सार्वजनिक संपत्तियों पर दीवार लेखन, पोस्टर, कट आउट, होर्डिंग, बैनर, झंडे आदि के माध्यम से प्रचार को भी प्रतिबंधित किया गया है.
सरकारी संस्थान द्वारा प्रचार के लिए निजी विज्ञापन एजेंसी से करार होने की स्थिति में आचार संहिता के दौरान संस्थान की परिसंपत्ति का विज्ञापन आयोग के निर्देशों के मुताबिक दिया जायेगा. राज्य पथ परिवहन निगम की बसों, नगर निगम की बसों व अन्य सरकारी स्वामित्व वाली बसों का उपयोग आचार संहिता के दौरान राजनीतिक विज्ञापनों के लिए नहीं किया जायेगा.
मैदान को नुकसान पहुंचाया, तो राजनीतिक दलों को देनी होगी क्षतिपूर्ति : चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को सार्वजनिक सभाओं या चुनाव प्रचार कार्य के लिए स्कूल या कॉलेज ग्राउंड के उपयोग के लिए अनुमति दी है.
स्कूल या कॉलेज के एकेडमिक कैलेंडर में व्यवधान उत्पन्न किये बिना ग्राउंड का उपयोग किया जा सकता है. उपयोग के पूर्व स्कूल या कॉलेज प्रबंधन और संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमति आवश्यक है. राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर अनुमति दी जायेगी. लेकिन, राजनीतिक दलों को ग्राउंड पर एकाधिकार की अनुमति नहीं होगी.
उनको आचार संहिता का पालन करना होगा. सभाओं के क्रम में मैदान को क्षति पहुंचने पर राजनीतिक दलों को क्षतिपूर्ति देनी होगी. सत्ताधारी दल अपनी चुनावी सभाओं के आयोजन व हैलीकॉप्टर के हैलीपैड के लिए मैदान या खुले क्षेत्रों पर एकाधिकार नहीं कर सकता है.

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