रांची में नहीं दिखा भारत बंद का असर, खुली रहीं दुकानें

13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को रद्द करने की मांग को लेकर संविधान बचाओ संघर्ष समिति की ओर से बुलाया गया था बंद रांची : संविधान बचाओ संघर्ष समिति के भारत बंद का असर राजधानी में नहीं दिखा. कार्यालय और दुकानें खुली रहीं और सड़कों पर आवागमन भी सामान्य रहा. राजधानी के विभिन्न संगठनों ने इसे […]

13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को रद्द करने की मांग को लेकर संविधान बचाओ संघर्ष समिति की ओर से बुलाया गया था बंद
रांची : संविधान बचाओ संघर्ष समिति के भारत बंद का असर राजधानी में नहीं दिखा. कार्यालय और दुकानें खुली रहीं और सड़कों पर आवागमन भी सामान्य रहा. राजधानी के विभिन्न संगठनों ने इसे अपना समर्थन दिया था. इसे देखते हुए जगह-जगह सुरक्षा बलों की तैनाती दिख रही थी.
मंगलवार को बंद की अपील के साथ झारखंड आंदोलनकारी आजम अहमद, राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता और संविधान बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक बसंत उरांव सहित कई लोग सड़क पर उतरे. उन्होंने डोरंडा स्थित डॉ भीमराव अांबेडकर की प्रतिमा के समक्ष से पैदल मार्च शुरू किया और अलबर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन किया़
13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को अविलंब रद्द करे सरकार
इस अवसर पर राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार 13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को अविलंब रद्द करे. झारखंड में ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ा कर जनसंख्या के अनुपात में 52 प्रतिशत होना चाहिए.
ओबीसी के लिए लागू क्रीमी लेयर का असंवैधानिक प्रावधान हटाया जाये. आजम अहमद ने कहा ओबीसी को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण मिले. यह आरक्षण निजी क्षेत्रों में भी दिया जाये. असंवैधानिक रूप से आर्थिक आधार पर लागू सवर्णों का 10 प्रतिशत आरक्षण अविलंब रद्द किया जाये.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि में भी प्रदर्शन
उधर, आदिवासी छात्र संघ से जुड़े विद्यार्थियों ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का पीजी विभाग बंद करा कर प्रदर्शन किया. वे 13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली और 10 लाख से अधिक आदिवासियों को जंगल से बेदखल कराने के वनाधिकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध कर रहे थे.
पुलिस बरत रही थी एहतियात
इस संबंध में सिटी एसपी सुजाता वीणापाणि ने बताया कि भारत बंद को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये थे. हर महत्वपूर्ण चौक-चौराहे पर फोर्स को तैनात किया गया था. लेकिन, कहीं भी प्रदर्शनकारी नजर नहीं आये. जहां कुछ प्रदर्शनकारी दिखे, उन्हें थाना स्तर से थाना प्रभारी द्वारा समझा-बुझा कर हटा दिया गया.

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