रांची : सीमा पर तैनात जवानों के परिवार को रिम्स में इलाज में मिलेगी प्राथमिकता

राजीव पांडेय रांची : देश की सीमा पर तैनात जवानों को अब अपने परिवार वालों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं करनी होगी. रिम्स प्रबंधन ने इन जवानों को संबल देने का सराहनीय प्रयास किया है. इसके तहत अस्पताल में सैनिकों के लिए अलग से हेल्पलाइन बूथ बनाया जायेगा. इसके माध्यम से सैनिकों के परिजनों को […]

राजीव पांडेय
रांची : देश की सीमा पर तैनात जवानों को अब अपने परिवार वालों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं करनी होगी. रिम्स प्रबंधन ने इन जवानों को संबल देने का सराहनीय प्रयास किया है. इसके तहत अस्पताल में सैनिकों के लिए अलग से हेल्पलाइन बूथ बनाया जायेगा. इसके माध्यम से सैनिकों के परिजनों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज मुहैया कराया जायेगा.
यह सुविधा बीएसएफ, सीआरपीएफ व आर्मी जवान के परिवार (जो अकेले रहता है) को मिलेगी. परिसर में स्थित विशेष बूथ में सेना के नर्सिंग स्टाफ के जवान पदस्थापित होंगे. वह रिम्स के अधिकारियों के साथ सामंजस्य बैठाकर परिजनों के इलाज में सहायता करेंगे. रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने बुधवार को बीएसएफ के अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत की, जिसमें रिम्स के सुझाव को स्वीकार किया है.
गुरुवार को निदेशक सीआरपीएफ व आर्मी के अधिकारियाें से बातचीत की करेंगे और इस सुझाव को रखेंगे. अगर सहमति बनती है, तो इमरजेंसी परिसर के सामने हनुमान मंदिर के सामने हेल्पलाइन बूथ बनाया जायेगा.
वर्तमान में यह है व्यवस्था : मौजूदा समय में रिम्स में आर्मी, सीआरपीएफ, बीएसएफ जवानों और उनके परिजनों को सामान्य मरीजों के बीच में इलाज कराना पड़ता है. सबसे ज्यादा परेशानी वैसे जवान के परिजनों को होती है, जो सरहद पर सेवा दे रहे होते हैं. उनको अकेले पंजीयन पर्ची, चिकित्सीय परामर्श व जांच के लिए भटकना पड़ता है.

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