रांची : चास, देवघर और साहिबगंज को स्वच्छता एक्सीलेंस अवार्ड

रांची : भारत सरकार ने राज्य के तीन नगर निकायों को स्वच्छता एक्सीलेंस अवार्ड के लिए चुना है. केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए चास नगर निगम को अवार्ड दिया जायेगा. देवघर व साहिबगंज के एक-एक एरिया लेवेल फेडरेशन (एएलएफ) काे भी सम्मानित करने के लिए चयनित किया गया है. निकायों में एएलएफ का […]

रांची : भारत सरकार ने राज्य के तीन नगर निकायों को स्वच्छता एक्सीलेंस अवार्ड के लिए चुना है. केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए चास नगर निगम को अवार्ड दिया जायेगा. देवघर व साहिबगंज के एक-एक एरिया लेवेल फेडरेशन (एएलएफ) काे भी सम्मानित करने के लिए चयनित किया गया है.
निकायों में एएलएफ का गठन 10 सखी मंडलों को मिलाकर किया जाता है. एएलएफ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करती हैं. 15 फरवरी को दिल्ली के विज्ञान भवन में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम) पर अवार्ड प्रदान किया जायेगा. भारत सरकार के आवासन व शहरी कार्य मंत्री अवार्ड वितरित करेंगे.
चास नगर निगम को एेसपिरेशनल डिस्ट्रिक्ट की श्रेणी में स्वच्छता एक्सीलेंस अवार्ड दिया जा रहा है. चास में महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा कचरा सेग्रिगेशन, पेपर बैग निर्माण और कंपोस्टिंग का कार्य वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है. दिसंबर 2018 में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने चास का सर्वे भी किया था.
मालूम हो कि नीति आयोग के निर्देश पर देश के पिछड़े 101 शहरों को ऐसपिरेशनल डिस्ट्रिक्ट की सूची में जगह दी गयी है. इस सूची में बोकारो जिला शामिल है. चास नगर निगम बोकारो जिला का हिस्सा है. देश के कई ऐसपिरेशनल डिस्ट्रिक्ट द्वारा स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त करने की बात करते हुए अवार्ड पर दावा किया गया था.
उन सभी जिलों में से चास नगर निगम का चयन किया गया है. केंद्र सरकार ने एएलएफ की श्रेणी में देवघर के एएलएफ अभियान और साहेबगंज के एएलएफ प्रज्ञा वाहिनी आजीविका का चयन अवार्ड के लिए किया है. नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन निदेशालय के निदेशक आशीष सिंहमार व सूडा के निदेशक अमीत कुमार ने चास नगर निगम के कर्मचारियों, साहेबगंज व देवघर के एएलएफ सदस्यों को अवार्ड के लिए बधाई दी है.
रांची : झारखंड में बुद्ध सर्किट एवं बौद्ध परंपरा की खोज सहित सरना धर्म के साथ इसके संबंध में शोध होगा. 20 सूत्री क्रियान्वयन समिति के राज्य सदस्य राकेश भास्कर ने जानकारी दी कि यह शोध डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान की पहल पर किया जायेगा.
शोधकर्ताअों के लिए गाइडलाइन भी जारी की गयी है. राकेश भास्कर ने कहा कि बिहार तथा उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध से जुड़े कई पर्यटन स्थल हैं. झारखंड में भी बुद्ध की स्मृतियों से जुड़े कई स्थल हैं. चतरा के इटखोरी, कलिपाहवाड़ी तथा उगरात्रा लोकप्रिय स्थान हैं. पलामू के सतबरवा में बुद्ध प्रतिमा के अवशेष मिले हैं.

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