झारखंड में और 14.50 लाख परिवारों को मिलेगा गैस कनेक्शन

विधानसभा में 6124.04 करोड़ का ग्रामीण विकास विभाग का बजट पारित, सरयू ने कहा रांची : झारखंड विधानसभा के दूसरे सत्र में ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य विभाग, वन विभाग, भवन विभाग एवं खाद्य आपूर्ति विभाग के अनुदान मांग पर चर्चा हुई. प्रदीप यादव द्वारा लाये गये कटौती प्रस्ताव पर कई […]

विधानसभा में 6124.04 करोड़ का ग्रामीण विकास विभाग का बजट पारित, सरयू ने कहा
रांची : झारखंड विधानसभा के दूसरे सत्र में ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य विभाग, वन विभाग, भवन विभाग एवं खाद्य आपूर्ति विभाग के अनुदान मांग पर चर्चा हुई.
प्रदीप यादव द्वारा लाये गये कटौती प्रस्ताव पर कई विधायकों ने बातें रखी. श्री यादव द्वारा खाद्य आपूर्ति विभाग पर उठाये गये सवाल का जवाब देते हुए मंत्री सरयू राय ने कहा कि राज्य में नेशनल फूड सिक्युरिटी एक्ट लागू करने से पहले करीब 35 लाख कार्डधारी थे. एक्ट लागू करने के बाद करीब 57 लाख लाभुक हो गये. खाद्य आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार हो रहा है. राशन भुगतान में सुगमता के लिए पॉस मशीन लगायी गयी है. मशीन की कीमत और भाड़े को लेकर जो सवाल उठाये गये हैं, इसका लिखित जवाब कल सदन को देंगे. अगर प्रदीप यादव चाहें तो कार्यालय में आकर कागजात देख सकते हैं.
अगर चाहें तो विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में कागज दिखा सकते हैं. विभाग से प्रकाशित आहार पुस्तक का मामला आया. इसका पांच-पांच बुलेटिन सभी राशन डीलरों को दिया जाता है. व्यॉस मैसेज का मामला भी लाया गया. विधायक को केवल अखबार की खबरों के आधार पर बात नहीं रखनी चाहिए. इसकी सत्यता वह विभाग से जान सकते हैं. इसका विभाग स्वागत करेगा. मंत्री ने कहा कि सरकार राशन डीलरों पर न्यूनतम आमदनी गारंटी लागू करने पर विचार कर रही है.
राशन दुकानदार ग्रोसरी दुकान की तरह अपने यहां सामान भी बेच सकते हैं. राज्य सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत 26.50 लाख परिवार को गैस कनेक्शन दिया है. तीसरे चरण में करीब 14.50 लाख परिवार को गैस कनेक्शन दिया जायेगा. श्री राय के बात रखने के बाद ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री नीलकंठ सिंह ने मुंडा ने सरकार का पक्ष रखा. हालांकि उनके पक्ष रखने के दौरान विपक्ष के विधायक वॉकआउट कर गये. इसके बाद ध्वनि मत से 6124.04 करोड़ का ग्रामीण विकास विभाग का बजट पारित हो गया.
रांची-जमशेदपुर सड़क का निर्माण जल्द होगा
चर्चा के दौरान सरकार का पक्ष रखते हुए श्री मुंडा ने कहा कि 4.12.2012 को रांची-जमशेदपुर सड़क का शिलान्यास हुआ था. इसे चार जून 2016 तक पूरा होना था. 163 किलोमीटर की इस सड़क का निर्माण जल्द होगा. इसके लिए चार फेज में काम कराया जा रहा है. टेंडर कर लिया गया है.
रिंग रोड के तीन, चार, पांच और छह फेज का निर्माण कार्य पूरा हो गया है. शेष काम जल्द पूरा होगा. इसके लिए टेंडर कर दिया गया है. फेज सात का काम भी पूरा हो गया है. वर्तमान सरकार में प्रति दिन 2.38 किलोमीटर सड़क बनायी जा रही है. पिछले 14 साल में प्रतिदिन 1.55 किलोमीटर के हिसाब से सड़क का निर्माण हो रहा था. सरकार ने तय किया है कि विधवा के लिए अांबेडकर आवास का निर्माण होगा. डीएमएफ के पैसे से गांवों में पानी पहुंचाने का काम हो रहा है.
कटौती प्रस्ताव के समर्थन में
20 हजार की पॉस मशीन का पांच साल में 90 हजार भाड़ा देगी सरकार
कटौती प्रस्ताव पेश करते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि राशन बांटने के लिए 20 हजार की पॉस मशीन खरीदी गयी है. इस पर सरकार पांच साल में 90 हजार रुपये भाड़ा देगी. 30 लाख की लागत से प्रतिमाह एक बुलेटिन निकाला जा रहा है. यह जांच का विषय है. पांच हजार करोड़ का रिंग रोड आज तक पूरा नहीं हो पाया है. 1000 करोड़ की लागत से बनायी गयी साहेबगंज-गोविंदपुर सड़क बनने के साथ ही खराब होने लगी है. इसकी जांच होनी चाहिए.
लगता है अदालत बना रही है एनएच-33
कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि एनएच-33 की हालत खराब है. सीएम उस मार्ग से जायें तो स्थिति समझ में आ जायेगी. लगता है कि इस सड़क को सरकार नहीं अदालत बना रही है.
250 रुपये हो मनरेगा की मजदूरी
आलमगीर आलम ने मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 250 रुपये करने की मांग की. जोबा मांझी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में कुआं का निर्माण हो, इससे पेयजल सुविधा मिल सकेगी.
कटौती प्रस्ताव के विरोध में
गांवों के विकास के लिए सरकार ने किया उग्रवादियों पर नियंत्रण : किशोर
राधाकृष्ण किशोर ने कटौती प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि गांवों के विकास के लिए सरकार ने उग्रवादियों पर नियंत्रण किया है. आज मात्र 40 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं. करीब 72 लाख परिवार गरीबी रेखा से ऊपर आ गये हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति आय 76806 हो गयी है. पीएम आवास योजना के तहत करीब 3.63 हजार आवास बनाये गये. इनका गृह प्रवेश विधायक-सांसदों ने कराया.
आदर्श होगी विस्थापितों की कॉलोनी
हटिया िवधायक नवीन जायसवाल ने कहाकि एचइसी में कई निर्माण कराये जा रहे हैं. इसके लिए जो विस्थापित हुए हैं, उनके लिए सरकार 216 करोड़ की लागत से कॉलोनी बना रही है.
यह देश के लिए आदर्श होगा. दूसरी तरफ भानु प्रताप शाही ने कहा कि गढ़वा में इरकॉन कंपनी गलत सड़क बना रही है. इसकी गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए. खाद्य आपूर्ति विभाग बिना एमओ के चल रहा है. नेटवर्क नहीं होने से पॉस मशीन काम नहीं करती है. इसके विकल्प पर भी विचार होना चाहिए.

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