रांची़ : झारखंड वित्त सेवा संघ के पदाधिकारियों ने वाणिज्य कर विभाग के सचिव सह आयुक्त प्रशांत कुमार से उनके प्रोजेक्ट भवन स्थित कार्यालय कक्ष में मुलाकात कर मांगें रखी. सचिव से कहा कि मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन किया जायेगा.
संघ द्वारा पदों का सृजन करने, प्रोन्नति करने, सेवा संपुष्टि करने, पदों के नामकरण में परिवर्तन करने, बेनामी परिवार पर कार्रवाई नहीं करने, आइएएस में चयन के लिए नाम की अनुशंसा करने व मुख्यालय के राजपत्रित और निगरानी शाखा में वित्त सेवा के पदाधिकारियों को रहने देने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने सचिव से कहा कि राज्य के राजस्व संग्रहण में सबसे अधिक योगदान वित्त सेवा संवर्ग का रहता है. लेकिन, सरकार हमेशा से पदाधिकारियों के प्रति उदासीन रही है.
इससे वित्त सेवा के पदाधिकारियों में काफी रोष है. वित्त सेवा के पदाधिकारी पिछले दो दशकों से बिना प्रोन्नति के मूल पद पर काम कर रहे हैं. इससे पदाधिकारियों की कार्यक्षमता ओर मनोबल पर कुप्रभाव पड़ रहा है. सचिव ने संघ को बताया कि विभाग प्रोन्नति, पद सृजन जैसी मांगों पर कार्यवाही कर रहा है. आगामी छह माह में होनेवाली रिक्तियों के विरुद्ध भी प्रोन्नति दिये जाने पर विचार किया जा रहा है.
संघ की अन्य मांगों पर भी कार्यवाही की जायेगी. प्रतिनिधिमंडल में संघ के अध्यक्ष शिवचंद्र भगत, महासचिव अखिलेश शर्मा, उपाध्यक्ष रामचंद्र बर्णवाल, राणा प्रताप उरांव, कोषाध्यक्ष बीडी भगत, सारिका भगत समेत अन्य शामिल थे.
