धनबाद सिटी एसपी की जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा
रांची : धनबाद सिटी एसपी की जांच रिपोर्ट में बैंक मोड़ थाना में एक महिला की शिकायत पर दर्ज महिला प्रताड़ना से संबंधित केस में धनबाद लॉ एंड ऑडर डीएसपी द्वारा गड़बड़ी करने का खुलासा हुआ है.
सिटी एसपी ने अपनी जांच रिपोर्ट में डीएसपी की रिपोर्ट पर असहमति जताते हुए लिखा है कि डीएसपी द्वारा केस में बिना चिकित्सीय परची और स्वतंत्र गवाहों का बयान लिये शिकायतकर्ता महिला और उसके परिवार वालों के बयान पर केस में लगाये गये आरोप को सही साबित करना अत्यंत ही खेदजनक है. इसलिए केस में अंतिम रूप से निर्णय लेने के लिए सिटी एसपी ने अनुसंधानक को आठ बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है. सिटी एसपी की रिपोर्ट के पहले डीएसपी ने अपने सुपरविजन में महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप सही पाते हुए अनुसंधानक को आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया था.
सिटी एसपी ने जांच रिपोर्ट में लिखा है कि महिला की शिकायत पर दो दिसंबर को केस दर्ज हुआ था. महिला का यह भी आरोप था कि उसके पेट में लात मारा गया है.
इस कारण उसका गर्भ खराब हो गया. महिला ने साहेबगंज निवासी डॉ सरिता टुडू से इलाज कराने से संबंधित एक परची भी बैंक मोड़ थाना और कोर्ट में सौंपी था. लेकिन जब डॉ सरिता टुडू से राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन की ओर से महिला के इलाज की सच्चाई के बारे में जानकारी मांगी गयी, तब सरिता टुडू ने बताया कि वह संबंधित महिला को न तो जानती है और न ही उसने संबंधित नाम की किसी महिला मरीज का इलाज किया है. डाॅ सरिता टुडू ने आगे यह भी आरोप लगाया है कि महिला और उसके परिवारवालों ने मिल कर उनके लेटर पैड का गलत उपयोग किया है.
उल्लेखनीय है कि दुमका मेन रोड निवासी त्रिलोकी कुमार अग्रवाल ने सिटी एसपी के कार्यालय में 28 दिसंबर को एक आवेदन दिया था. आवेदन के साथ पेन ड्राइव में केस की शिकायतकर्ता महिला व सुदर्शन पिलानिया की वाॅयस रिकॉर्डिंग थी. इसके अलावा डॉ सरिता टुडू द्वारा नेशनल ह्यूमन राइट दुमका को दिया गया शिकायत पत्र था.
आवेदक ने उक्त आवेदन में उल्लेख किया था कि शादी के बाद से शिकायतकर्ता महिला खुश नहीं रहती थी. इसके विषय में उसने कई बार ससुराल में चर्चा की. उसने बताया था कि वह झरिया के किसी लड़के से विवाह करना चाहती थी. केस में दूसरे पक्ष की ओर से मामले में सच्चाई बताने के बाद सिटी एसपी ने यह रिपोर्ट तैयार की है.
