रांची : तेनुघाट में एक बार फिर उत्पन्न हुआ कोयले का संकट, टीवीएनएल की एक यूनिट बंद

रांची : टीवीएनएल के तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (टीटीपीएस) में कोयले का संकट एक बार फिर उत्पन्न हो गया है. कोयले का सारा स्टॉक समाप्त हो गया है. केवल तीन दिनों का स्टॉक ही बचा है. हालात को देखते हुए टीवीएनएल प्रबंधन ने एक यूनिट को बंद कर दिया है. गौरतलब है कि 11 अक्तूबर […]

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रांची : टीवीएनएल के तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (टीटीपीएस) में कोयले का संकट एक बार फिर उत्पन्न हो गया है. कोयले का सारा स्टॉक समाप्त हो गया है. केवल तीन दिनों का स्टॉक ही बचा है. हालात को देखते हुए टीवीएनएल प्रबंधन ने एक यूनिट को बंद कर दिया है.
गौरतलब है कि 11 अक्तूबर से टीवीएनएल की दोनों यूनिट से उत्पादन हो रहा था. यूनिट नंबर-1 से 170 मेगावाट और यूनिट नंबर-2 से 210 मेगावाट उत्पादन हो रहा था. इससे झारखंड को 380 मेगावाट तक बिजली मिल रही थी. बताया गया कि दो से तीन हजार टन कोयले का स्टॉक ही बचा है. इससे दोनों यूनिट को चालू रखना संभव नहीं था.
प्रबंधन के सूत्रों ने बताया कि फिलहाल यूनिट नंबर-2 को बंद किया गया है. फिर दो तीन दिनों बाद इसे चालू कर यूनिट नंबर-1 को बंद कर दिया जायेगा. यानी जब तक कोयले का स्टॉक पर्याप्त नहीं हो जाता तब तक एक ही यूनिट चलेगी. एक यूनिट बंद होते ही राज्य में लगभग 210 मेगावाट बिजली कमी हो सकती है. जिसके कारण एक बार फिर लोड शेडिंग की आशंका बढ़ जायेगी.
टीटीपीएस की क्षमता 420 मेगावाट : टीवीएनएल की ललपनिया स्थित टीटीपीएस में दो यूनिट है, जिसकी क्षमता 420 मेगावाट है. वर्तमान में दोनों यूनिट से 380 मेगावाट के करीब उत्पादन हो रहा है. टीवीएनएल झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को हर महीने लगभग 70 से 80 करोड़ रुपये की बिजली बेचता है. पर निगम द्वारा महीने में केवल 30 से 40 करोड़ रुपये ही दिया जाता है.
टीवीएनएल महीने में 50 करोड़ का कोयला ही खरीदता है. स्थापना व्यय आदि मिलाकर टीवीएनएल के महीने का खर्च 60 करोड़ के करीब है. बिजली वितरण निगम द्वारा केवल 40 करोड़ रुपये ही दिये जाने की वजह से टीवीएनएल सीसीएल को पूरी राशि का भुगतान नहीं कर पाता. इस कारण बकाया बढ़ता गया और अब 300 करोड़ रुपये के करीब हो गया है.
इसलिए सीसीएल ने कोयले की आपूर्ति कम कर दी है. वहीं, बिजली वितरण निगम पर टीवीएनएल का बकाया बढ़कर ढाई हजार करोड़ से अधिक का हो गया है.
  • खत्म नहीं हो रहा राज्य में बिजली का संकट
  • दो से तीन हजार टन ही बचा है कोयले का स्टॉक, जो तीन दिनों तक ही चल पायेगा
  • एक यूनिट बंद होने से राज्य में लगभग 210 मेगावाट िबजली की होगी कमी
हर दिन 7.5 हजार मिलियन टन कोयले की जरूरत
गौरतलब है कि टीवीएनएल में प्रतिदिन साढ़े सात हजार मिलियन टन कोयले की जरूरत पड़ती है. पर पैसा भुगतान न होने की वजह से सीसीएल द्वारा केवल दो हजार से तीन हजार मिलियन टन कोयले की ही आपूर्ति ही की जा रही है. इस कारण प्रबंधन ने एक ही यूनिट को चलाने का फैसला किया है.
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