रांची : पुलिस की तरह होमगार्ड को न्यूनतम वेतन देने के मामले में एकल पीठ के आदेश पर रोक

रांची : झारखंड हाइकोर्ट में बुधवार को पुलिस की तरह होमगार्ड को भी न्यूनतम वेतन देने के मामले में एकल पीठ के आदेश को चुनाैती देनेवाली अपील याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी. […]

रांची : झारखंड हाइकोर्ट में बुधवार को पुलिस की तरह होमगार्ड को भी न्यूनतम वेतन देने के मामले में एकल पीठ के आदेश को चुनाैती देनेवाली अपील याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी. साथ ही फाइनल सुनवाई के लिए 28 जनवरी की तिथि निर्धारित की गयी.
इससे पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार ने खंडपीठ को बताया कि होमगार्ड के जवानों को जो मानदेय दिया जा रहा है, वह पड़ोसी राज्यों में दिये जा रहे मानदेय को देखते हुए तय किया गया है. 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से उनको मानदेय दिया जा रहा है. उन्होंने एकल पीठ के आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी राज्य सरकार ने अपील याचिका दायर कर एकल पीठ के आदेश को चुनाैती दी है. एकल पीठ ने होमगार्ड के जवानों के पक्ष में फैसला देते हुए राज्य सरकार को निर्णय लेने का आदेश दिया था. लेकिन अब तक सरकार के स्तर से कोई फैसला नहीं लिया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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