रांची : अपराधी सोनू इमरोज की हत्या दिनदहाड़े रविवार की दोपहर मेन रोड स्थित काली मंदिर के समीप कर दी गयी थी. पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना को अंजाम देनेवाले अपराधियों की छवि कैद हुई है. लेकिन पुलिस ने जब सीसीटीवी का फुटेज निकाला, तो निराशा हाथ लगी. वजह थी फुटेज में कैद अपराधियों की छवि का धुंधला निकलना. इसकी पुष्टि रांची के वरीय पुलिस अधिकारियों ने की है.
कुछ ऐसा ही हुआ था मेन रोड में हुई चावल व्यवसायी नरेंद्र सिंह होड़ा की हत्या के समय. उनके मामले में भी अपराधियों की छवि एक दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हुई थी, लेकिन फुटेज में अपराधियों की छवि धुंधली निकली. हालांकि काफी मशक्कत के बाद होड़ा के हत्यारों को दबोचने में पुलिस कामयाब रही. अभी तक पुलिस इमरोज के हत्यारे का पता नहीं लगा पायी है.
इस मामले में अभी तक पुलिस पुराने अपराधियों के अलावा विभिन्न गैंग से जुड़े करीब 25 अपराधियों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बुलाकर पूछताछ कर चुकी है. लेकिन इनसे भी पुलिस को कुछ हाथ नहीं लगा है. पुलिस को शक है कि सोनू इमरोज को किसी गैंग से जुड़े अपराधियों ने नहीं बल्कि पुराने किसी प्रतिद्वंदी ने मारा है.
गेंदा सिंह गैंग से जुड़ा था इमरोज, खुद की गैंग बनाने में लगा था
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोनू इमरोज दुमका केंद्रीय कारा में बंद कुख्यात अपराधी गेंदा सिंह के गैंग का सक्रिय अपराधी था. जेल से निकलने के बाद वह खुद का गैंग बनाने में लगा हुआ था. यही वजह थी कि वह रंगदारी के काम में तेजी से लगा था.
