रांची : सरकार ने ऐलोपैथिक डॉक्टरों की तर्ज पर आयुष चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति उम्र सीमा 60 से बढ़ा कर 65 वर्ष करने से इनकार कर दिया है. इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने एक आदेश निकाला है, जिसमें तथ्यों के आधार पर सेवानिवृत्ति उम्र सीमा बढ़ाने से मना कर दिया गया है.
दरअसल, इस संबंध में 31 जनवरी 2018 को सेवानिवृत्त हुए कुछ आयुष चिकित्सकों ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी. इसकी सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में सरकार से इस मुद्दे पर अध्ययन कर निर्णय लेने को कहा था. इधर स्वास्थ्य विभाग ने वादियों के आवेदन का अध्ययन कर यह पाया कि इसमें कोई नया तथ्य नहीं है. इसके बाद विभाग ने अपने आदेश में बताया है कि इस मुद्दे पर कार्मिक विभाग तथा योजना सह वित्त विभाग ने भी सहमति नहीं दी है. कार्मिक ने सुझाव दिया है कि यदि जरूरी हो, तो सेवानिवृत्त आयुष चिकित्सकों को संविदा पर रखा जा सकता है.
यह भी कहा गया है कि झारखंड राज्य अायुष स्वास्थ्य सेवा संवर्ग नियमावली-2018 पर कार्मिक, विधि तथा वित्त विभाग ने अपनी सहमति दे दी है. नियमावली पर कैबिनेट की सहमति के लिए कार्रवाई अंतिम चरण में है. इसी के आलोक में सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा पूर्व की तरह 60 वर्ष ही रखने पर निर्णय हुआ है.
