ओरमांझी : भगवान बिरसा जैविक उद्यान (ओरमांझी चिड़ियाघर) में गुरुवार रात मादा बाघ शावक पार्वती की मौत हो गयी. शुक्रवार को चिड़ियाघर में आयोजित प्रेस वार्ता में संबंधित अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की.उन्होंने बताया कि सात माह पूर्व छह अप्रैल 2018 को चिड़ियाघर के बाघ मल्लिक और बाघिन अनुष्का से तीन मादा बाघ शावकों का जन्म हुआ था.
छह अक्तूबर 2018 को ‘वन्य प्राणी सप्ताह’ के अवसर पर पीसीसीएफ (झारखंड वाइल्ड लाइफ) पीके वर्मा ने तीनों का नामकरण किया था. इनमें से एक का नाम लक्ष्मी, दूसरे का नाम पार्वती और तीसरा का नाम सरस्वती रखा गया था.
सात महीने पहले बाघिन अनुष्का ने तीन मादा शावकों को दिया था जन्म, बाघ मल्लिक था इनका पिता
पित्त की थैली विकसित नहीं होने के कारण ठीक से काम नहीं कर रहे थे अंदरूनी अंग
शव का पोस्टमार्टम कराया गया : पार्वती की मौत की सूचना मिलते ही पीसीसीएफ पीके वर्मा ओरमांझी चिड़ियाघर पहुंचे. रांची से आये वेटनरी डाॅ एमके गुप्ता ने शावक के शव का पोस्टमार्टम किया. इसमें पता चला कि पार्वती को जन्म से ही पित्त की थैली सामान्य रूप से विकसित नहीं हुई थी.
इस कारण उसके आंतरिक अंग ठीक से काम नहीं कर रहे थे. यही उसकी मौत की वजह बना. प्रेस वार्ता में ओरमांझी चिड़ियाघर के निदेशक सुनील कुमार गुप्ता, डॉ अजय कुमार, एसीएफ पीके अग्रवाल, नागेंद्र चौधरी, रामचंद्र पासवान मौजू थे.
