रांची : आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने मनोहरपुर में कहा कि कोल्हान वीरों और आंदोलनकारियों की धरती रही है़ यहां के सपूतों ने कुर्बानी दी है़ पर अलग राज्य बनने के बाद भी उन वीरों के सपने टूटते रहे है़ं
इन हालात को बदलने के लिए उसूलों की लड़ाई जरूरी है़ उद्योग लगाने से नहीं, गांव को सजाने-संवारने से झारखंड बदलेगा़ आजसू नेता महतो स्वराज स्वाभिमान यात्रा के दूसरे चरण के क्रम में मनोहरपुर में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर झामुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष बिरसा मुंडा आजसू में शामिल हुए़ महतो ने कहा कि इस इलाके का जल, जंगल और जमीन से जन्म-जन्म का रिश्ता रहा है़
सारंडा की धरती खनिज संपदा और वन संपदा से परिपूर्ण है, वहां के लोग बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहे है़ं महतो ने कहा कि सत्ता में आम आदमी की हिस्सेदारी और झारखंडी विचारधारा को स्थापित करने के लिए लोगों को गोलबंद होना होगा़
झारखंडी जनमानस के अनुरूप एक नयी लड़ाई, गांव-गांव से शुरू हो़ इस इलाके में लोहा का कारखाना बैठाने की कवायद हो रही है़ लोगों की जमीन ली जायेगी, लेकिन जमीन देनेवाले इसके लिए एकजुट रहें कि अगर जमीन ली जायेगी, तो उन्हें कारखाने का हिस्सेदार भी बनाना होगा़
सरकारेें जनता के मत से चलेंगी, साहबों और सियासत के मन से नहीं. उन्होंने कहा कि लोगों के बीच आम धारणा है कि लोक सेवक दाता बन गये हैं और सत्ता के मालिक याचक बन गये है़ं इस रिवाज को बदलने के लिए एक निर्णायक लड़ाई की जरूरत है़ आजसू नेता महतो 29 अक्तूबर को सरायकेला पहुंचेंगे़
