रांची : झारखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक गुुरुवार को हिनू में हुई. प्रदेश अध्यक्ष देवंती देवी ने कहा कि जनवरी 2018 में आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं पोषण सखी के आंदोलन को देखते हुए राज्य सरकार ने मोर्चा के साथ आंगनबाड़ी समझौता किया था, लेकिन उस समझौते को अब तक सरकार ने लागू नहीं किया है.
इससे राज्य के 80 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कर्मचारियों में आक्रोश है. सरकार की इस वादाखिलाफी के विरोध में सभी कर्मचारी सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं. मोर्चा के महामंत्री सुंदरी तिर्की ने कहा कि सरकार के साथ हुए समझौते को लागू नहीं किये जाने के विरोध में 30 मई को विशाल रैली की गयी थी.
रैली के पश्चात मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई वार्ता में कहा गया था कि बहुत जल्द मोर्चा नेताओं की वार्ता करायी जायेगी, लेकिन पांच माह बाद भी न तो वार्ता हुई है और न ही समझौता के 15 बिंदुओं पर आदेश निकला है. इसलिए अब वक्त आ गया है कि सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में उग्र आंदोलन किया जाये. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 29 अक्तूबर को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन किया जाये.
बैठक में अशोक कुमार सिंह नयन, रेखा मंडल, विमला देवी, प्रयाग प्रसाद यादव, मंजू कुमारी, बहालेन कच्छप, गंदौरी राम, राम प्रसाद, धनुषधारी प्रसाद, ममता भगत, अनीता देवी, सूर्यमूखी उरांव, उमेरा खातून, बसंती कुमारी आदि उपस्थित थीं.
