रांची : दुर्गोत्सव के मौके पर दो दिन बाद यानी 16 अक्तूबर से श्रद्धालु शहर में घूमने निकलेंगे. सप्तमी से पूजा पंडालों के साथ ही पूरे शहर की सड़कों पर भीड़ उमड़ेगी, पर लोगों की सहूलियत के लिए सड़कें नहीं बनीं. इस बार पूजा के मद्देनजर सड़कों को नहीं बनाया जा सका. बनाने की कार्रवाई ही विलंब से हुई. ऐसे में सारी सड़कें ऐसी ही रह गयीं. केवल बरियातू रोड को समय से बनाया गया. वह भी उप राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर इस पर तेजी से काम लगाया गया था.
शहर में 20 से अधिक सड़कों को बनाना है. टेंडर भी शॉर्ट टाइम के लिए निकाला गया है, लेकिन अभी तक धरातल पर कुछ नहीं हुआ है. दो दिन बाद पूजा उत्सव शुरू हो जायेगा. ऐसे में काम भी नहीं किया जा सकेगा. अब सड़क बनाने के लिए दुर्गोत्सव गुजरने का इंतजार किया जायेगा. हालांकि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पथ निर्माण विभाग को पूजा के पहले शहर की सारी सड़कों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था, लेकिन सारी प्रक्रियाएं विलंब से हुईं. ऐसे में मामला लटका रह गया.
रांची : पूजा पंडालों के आसपास तीन पालियों में सफाई की जायेगी. विशेष सफाई अभियान 15 अक्तूबर से चलाया जायेगा. इसके लिए शहर को चार जोन में बांटा गया है, जहां सफाई कर्मियों को तैनात किया गया है
नगर आयुक्त मनोज कुमार के निर्देश पर यह अभियान चलाया जायेगा. जोनल व वार्ड सुपरवाइजर पूजा समिति के पदाधिकारियों से संपर्क कर निर्धारित समय पर सफाई करायेंगे. प्रमुख पंडालों के आसपास पानी का टैंकर पहुंचाने व लाने व मोबाइल टॉयलेट पहुंंचाने के लिए चालकों को नियुक्त किया गया है. इधर, नगर आयुक्त ने बड़ा तालाब, चडरी तालाब सहित अन्य तालाबों में जलकुंड बनाने का निर्देश दिया है. यहीं प्रतिमा का विसर्जन किया जायेगा.
मूर्ति में प्रयोग होने वाले कृत्रिम आभूषण, वस्त्र व फूल माला का विसर्जन नहीं किया जायेगा. विसर्जन स्थल पर तैनात निगम के सुपरवाइजर इसे विसर्जन से पहले ही संग्रहित कर लेंगे. विसर्जन के 48 घंटे के अंदर मूर्तियों के अवशेष को पानी से निकालने का निर्देश भी दिया गया है.
