रांची : पहाड़ी मंदिर के शिखर पर वर्तमान में वजन नहीं डाला जा सकता है. इसलिए पहाड़ी को मजबूती कैसे प्रदान की जाये, इस बारे में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए. इस बारे में विशेषज्ञों की राय भी लेनी चाहिए.
पहाड़ी को कंटूरिंग करके व पौधरोपण कर मिट्टी का कटाव रोकना होगा. पहाड़ी पर लगे फ्लैग पोल व टेट्रावायरलेस टावर को किसी दूसरी जगह शिफ्ट करना चाहिए. पहाड़ी मंदिर में समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है.
कम वजन की सामग्री का इस्तेमाल कर वर्तमान मंदिर को बेहतर बनाया जा सकता है. इससे मंदिर की पौराणिकता बनी रहेगी. पहाड़ी मंदिर में व्यवस्था पूजन, आरती व धार्मिक क्रियाकलापों की पुन:स्थापना करनी होगी. मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में अब पहाड़ी मंदिर को शामिल होना चाहिए. पहाड़ी को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करना चाहिए. सार्वजनिक रूप से मंदिर में राजनीतिक गतिविधि व विरोध प्रदर्शन नहीं होने चाहिए.
रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति को पूरी भूमि का स्वामित्व नगर निगम से एक रुपये में दिलाया जाये. रांची पहाड़ी के लिए जो भी समिति है, उसका उद्देश्य स्पष्ट नहीं है. पहाड़ी का जीर्णोद्धार व मंदिर की व्यवस्था को सुधारना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. भक्तों द्वारा दान दी गयी राशि का उपयोग केवल पहाड़ी व बाबा के मंदिर के लिए हो.
