रांची : जेपीएससी अध्यक्ष के विद्यासागर का कार्यकाल 13 नवंबर को समाप्त हो जायेगा. जेपीएससी अध्यक्ष के पद पर नियमानुसार छह वर्ष या उम्र सीमा 62 वर्ष (जो पहले हो) के आधार पर नियुक्ति की जाती है. ऐसे में श्री विद्यासागर 13 नवंबर को 62 वर्ष के हो जायेंगे, इसलिए उन्हें यह पद छोड़ना पड़ रहा है. इसे देखते हुए जेपीएससी ने कार्मिक विभाग को पत्र भेज कर उनके कार्यकाल समाप्त होने की जानकारी दी है.
साथ ही ससमय अध्यक्ष पद पर नयी नियुक्ति करने का आग्रह किया है. क्योंकि अध्यक्ष के नहीं होने पर आयोग में फिलहाल छठी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा, सिविल सेवा बैकलॉग नियुक्ति परीक्षा, विभिन्न विभागों में इंजीनियरिंग नियुक्ति परीक्षा, विवि शिक्षक नियुक्ति, विवि अधिकारी नियुक्ति, बिरसा कृषि विवि में शिक्षकों व अधिकारियों की नियुक्ति, नगर विकास विभाग में अधिकारियों व इंजीनियर नियुक्ति, वित्त सेवा सीमित परीक्षा, उपसमाहर्ता सीमित परीक्षा सहित कई परीक्षाअों का रिजल्ट प्रभावित हो सकता है. वहीं, आयोग में फिलहाल चार सदस्यों की जगह दो सदस्य डॉ एके चट्टोराज व डॉ सुखी उरांव ही हैं. सदस्य का भी कार्यकाल छह वर्ष या उम्रसीमा 62 वर्ष निर्धारित है.
उम्र सीमा बढ़ाने पर विचार
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में अध्यक्ष के पद पर सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 65 वर्ष है. झारखंड में भी अध्यक्ष व सदस्य की सेवानिवृत्ति उम्र सीमा तीन साल बढ़ा कर 65 वर्ष करने पर विचार हो रहा है.
अध्यक्ष पद पर झारखंड में वैसे प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है, जो 60 वर्ष पूरे होने के बाद आयोग में आ रहे हैं. जहां वे अधिकतम दो वर्ष अौर कार्य कर पा रहे हैं. ऐसे में वे आयोग के कार्यकाल से पूरी तरह परिचित भी नहीं हो पाते हैं. इससे पूर्व ही उन्हें नियमानुसार हटना पड़ रहा है. विवि में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति उम्र सीमा 65 वर्ष है. यही स्थिति विवि के स्नातकोत्तर विभागों में अध्यक्ष का भी है, जहां दो वर्ष के लिए रोटेशनशिप के आधार पर नियुक्ति की जा रही है.
