रांची : झारखंड हाइकोर्ट में बुधवार को दारोगा बहाली मामले में एकल पीठ के आदेश को चुनाैती देनेवाली राज्य सरकार की अपील याचिकाअों पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ ने सरकार का पक्ष सुनने के बाद अपील याचिकाअों को सुनवाई के लिए स्वीकर कर लिया. अब मामले की विस्तृत सुनवाई 10 दिसंबर को होगी.
उल्लेखनीय है कि प्रार्थी राज्य सरकार ने अपील याचिका दायर की है. इसमें हरि उरांव व अन्य के मामले में एकल पीठ के आदेश को चुनाैती दी गयी है. याचिका में सरकार की ओर से कहा गया है कि हटाये गये लगभग 46 दारोगा को एकल पीठ ने भविष्य में होनेवाली नियुक्ति में समायोजित करने का आदेश दिया था.
एकल पीठ का आदेश उचित नहीं है. उसे निरस्त किया जाना चाहिए. प्रथम मेधा लिस्ट के आधार पर लगभग 384 दारोगा बहाल किये गये. प्रशिक्षण के बाद उन्हें पदस्थापित किया गया. बाद में हाइकोर्ट के आदेश के आलोक में सरकार ने मेधा लिस्ट को संशोधित कर दिया. इस कारण 46 नये उम्मीदवार शामिल हो गये, पूर्व में नियुक्त 46 दारोगा को सेवा से हटा दिया गया. इसे हाइकोर्ट में चुनाैती दी गयी.
एकल पीठ ने सुनवाई के बाद आदेश पारित किया कि चूंकि उम्मीदवारों की कोई गलती नहीं थी, नियुक्ति व प्रशिक्षण के बाद वे नाैकरी कर रहे थे. इसलिए हटाये गये दारोगाअों को भविष्य में होनेवाली नियुक्ति में समायोजित किया जाये.
