रांची : पूरी पहाड़ी पर किया जाये पौधरोपण, ताकि मिट्टी का कटाव रुके

रांची : पहाड़ी के अस्तित्व को बचाने के लिए यहां स्थापित सभी उपेक्षित देवस्थलों को संरक्षित करना होगा. यहां पौराणिक और वैदिक पद्धति से पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, भंडारा आदि पुन: शुरू कराना होगा. बारिश के दिनों में मिट्टी का कटाव हुआ, जिससे पहाड़ी के अस्तित्व पर संकट आ गया है. इसलिए पूरी पहाड़ी पर ज्यादा […]

रांची : पहाड़ी के अस्तित्व को बचाने के लिए यहां स्थापित सभी उपेक्षित देवस्थलों को संरक्षित करना होगा. यहां पौराणिक और वैदिक पद्धति से पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, भंडारा आदि पुन: शुरू कराना होगा. बारिश के दिनों में मिट्टी का कटाव हुआ, जिससे पहाड़ी के अस्तित्व पर संकट आ गया है.
इसलिए पूरी पहाड़ी पर ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण किये जाने चाहिए, ताकि मिट्टी के कटाव को रोका जा सके. सामूहिक निर्णय लेने की परंपरा को पुनर्जीवित करना होगा. पहाड़ी के चारों ओर उपजाऊ मिट्टी एवं हरियाली चाहिए. जैसा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घोषणा की थी, पहाड़ी से प्लैग पोल और टेट्रा टावर को तत्काल हटाया जाना चाहिए.
सबसे जरूरी है कि रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति में धार्मिक भावना से जब नि:स्वार्थ कार्य हो, तो किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आयेगी. पहाड़ी को पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने की आवश्यकता है. जो हॉल टूट गया है, वहां अविलंब शेड का हॉल बनाया जाये ताकि, लोग पहाड़ी मंदिर आयें, तो वहां अपनी थकान मिटा सकें.
शिखर के चारों ओर लोहे के फैब्रिकेटेड फ्रेम के जरिये चारों ओर टूरिस्ट व्यू गैलेरी बनाया जाना चाहिए, जिससे पहाड़ी मंदिर में आनेवाले लोगों पूरी रांची की व्यू देख सकें. पहाड़ी के चारों ओर परिक्रमा पथ बने. क्षतिग्रस्त सीढ़ियों को भी दुरुस्त किया जाये. बीआइटी मेसरा द्वारा तैयार किये गये मास्टर प्लान पर काम होना चाहिए.

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