रांची : रांची विवि स्नातकोत्तर वनस्पतिशास्त्र विशेषज्ञ प्रो मोहम्मद नूरज्जमा नूर (प्रो एमएन नूर) का सोमवार को निधन हो गया. लगभग 81 वर्षीय प्रो नूर को ब्रेन हेंब्रेज होने के बाद इलाज के लिए राज अस्तपाल में भर्ती कराया गया था. वहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. उनके जनाजे की नमाज सोमवार को ही डोरंडा ईदगाह कब्रिस्तान में अदा की गयी. साथ ही इसी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया.
रांची विवि के कुलपति प्रो रमेश कुमार पांडेय भी प्रो नूर के विद्यार्थी रह चुके हैं. इनके निधन पर विवि के कुलपति प्रो रमेश कुमार पांडेय, प्रतिकुलपति प्रो कामिनी कुमार, पीजी वनस्पतिशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो अशोक कुमार चौधरी, डॉ ज्योति कुमार, डॉ परवेज हसन, डॉ मंजर हुसैन, एसएस अख्तर, तनवीर अहमद, शशि अहमद सहित कई गणमान्य लोगों ने शोक व्यक्त किया है.
प्रो नूर का जन्म 10 जनवरी 1937 में हुआ. इन्होंने रांची विवि से 1960 में वनस्पतिशास्त्र में एमएससी की डिग्री हासिल की. फ्रांस सरकार द्वारा इन्हें विशेष स्कॉलरशिप भी दी गयी. 1964 में इन्होंने रांची विवि में वनस्पतिशास्त्र विभाग में बतौर सहायक प्राध्यापक के रूप में योगदान दिया. 1966 में प्रो जेपी सिन्हा के निर्देशन में पीएचडी की डिग्री हासिल की.
1985 में विवि प्राध्यापक बने. इनके निर्देशन में दर्जनों विद्यार्थियों ने रिसर्च किया. यूजीसी विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में जर्मनी, स्वीटजरलैंड, इंग्लैंड, पुर्तगाल, स्पेन आदि जगहों पर शिक्षा प्रदान की. इन्हें 1999 में प्लांट रिसर्च पर वाइ एस आरके शर्मा मेमोरियल गोल्ड मेडल दिया गया. 2014 में लाइफ टाइम एचिवमेंट अवार्ड मिला.
