चुटूपालू घाटी में 24 घंटे बाद आग बुझी वाहनों का परिचालन आज से सामान्य
रामगढ़ : रांची-रामगढ़ मार्ग स्थित चुटूपालू घाटी में सोमवार रात नौ बजे दुर्घटनाग्रस्त मिथेन गैंस टैंकर में लगी आग मंगलवार की रात करीब नौ बजे बुझा ली गयी. रेस्क्यू टीम देर रात तक जले सात वाहनों को हटाने में जुटी थी. काफी मशक्कत के बाद 24 घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका. नेशनल […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
रामगढ़ : रांची-रामगढ़ मार्ग स्थित चुटूपालू घाटी में सोमवार रात नौ बजे दुर्घटनाग्रस्त मिथेन गैंस टैंकर में लगी आग मंगलवार की रात करीब नौ बजे बुझा ली गयी. रेस्क्यू टीम देर रात तक जले सात वाहनों को हटाने में जुटी थी. काफी मशक्कत के बाद 24 घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका. नेशनल हाइवे अथॉरिटी के पदाधिकारियों के अनुसार, बुधवार की सुबह चार बजे से वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जायेगा.
वहीं दूसरी ओर मंगलवार को रांची से रामगढ़ और हजारीबाग जानेवाले सवारी वाहन पतरातू और गोला होकर अपने गंतव्य की ओर गये. दूसरी ओर गैस टैंकर में आग की सूचना पर मंगलवार को रांची से अपर स्टटे फायर ऑफिसर आरके ठाकुर के अलावा इंस्पेक्टर सरोज के नेतृत्व में एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची. बाद में ओएनजीसी की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची.
चुटूपालू घाटी में 24 घंटे बाद…
एसी बस समेत कई वाहन जल गये थे : चुटूपालू घाटी में सोमवार रात नौ बजे हुई दुर्घटना में रांची से साहेबगंज जा रही आशीर्वाद कंपनी की एक एसी बस, चार ट्रक, एक आइ-20 कार, एक एंबुलेंस और एक सवारी गाड़ी जल गयी थी. वाहनों में लगी आग को सोमवार देर रात तक बुझा दिया गया, लेकिन गैस टैंकर में लगी आग नहीं बुझ सकी थी. इसके बाद एनएच 33पर दोनों ओर से वाहनों का परिचालन रोक दिया गया था. मंगलवार सुबह घटनास्थल से एक जला हुआ शव एंबुलेंस से बरामद किया गया. शव गिरिडीह के मसुद्दीन अंसारी का बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, रिम्स में भर्ती मसुद्दीन की मौत हो चुकी थी.
एंबुलेंस से शव को रांची से गिरिडीह ले जाया जा रहा था, जो टैंकर की आग के चपेट में आ गयी. वहीं, मंगलवार को उपायुक्त राजेश्वरी बी भी अधिकारियों के साथ चुटूपालू घाटी पहुंची और हालात का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है.
एक चूक से हुई बड़ी घटना : सोमवार की सुबह नौ बजे मिथेन गैस भरा टैंकर चुटूपालु घाटी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. क्रेन के सहारे टैंकर को हटाया जा सकता था. इसके अलावा उस स्थान की बैरिकेडिग कर गाड़ियों को धीमी गति से पार कराया जा सकता था. साथ ही रूट डायवर्ट कर वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा सकता था. लेकिन स्थानीय प्रशासन की और से एहतियातन ऐसा कोई सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाया गया. रात पौने नौ बजे के करीब एक टेलर ने दुर्घटनाग्रस्त टैंकर में धक्का मार दिया,
जिससे गैस का रिसाव होने लगा और आग लग गयी. बाद में एक-एक कर सात वाहन चपेट में आ गये. कई लोग घायल हुए. घटना के बाद वाहनों का रूट बदल दिया गया.
सोमवार रात 8.30 बजे मिथेन गैस टैंकर में लगी थी आग, मंगलवार रात करीब नौ बजे बुझी आग