रांची : मंत्री के साथ बैठक में डीलरों ने कहा, हमलोगों के पास अनाज नहीं, अफसरों ने बेच दिया

रांची : खाद्य आपूर्ति विभाग की 20 जुलाई को डीलर प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक मुख्य रूप से पीडीएस में बचे अनाज के समायोजन के लिए बुलायी गयी थी. बैठक में डीलरों ने मंत्री के सामने ही साफ कह दिया कि उनके पास कोई अनाज नहीं है. विपणन पदाधिकारी (मार्केटिंग अफसर या एमअो) व जिला […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : खाद्य आपूर्ति विभाग की 20 जुलाई को डीलर प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक मुख्य रूप से पीडीएस में बचे अनाज के समायोजन के लिए बुलायी गयी थी. बैठक में डीलरों ने मंत्री के सामने ही साफ कह दिया कि उनके पास कोई अनाज नहीं है. विपणन पदाधिकारी (मार्केटिंग अफसर या एमअो) व जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसअो) लोगों ने सब बेच दिया है.
यह अलग बात है कि बगैर डीलरों की सहभागिता से यह काम नहीं हो सकता. डीलरों ने यह भी कहा कि सर, जेल भेज दीजिए या फांसी लगवा दीजिए, हमलोग एक बार में इस अनाज का समायोजन नहीं कर सकते. गौरतलब है कि राज्य भर के राशन डीलरों के पास गत एक वर्ष से करीब 500 करोड़ का अनाज बचा है, जिसका समायोजन अब तक नहीं हुआ है. समायोजन कब व कैसे होगा, यह अभी पक्का भी नहीं है.
क्या है मामला : राज्य भर के 25,468 पीडीएस डीलरों के माध्यम से करीब 57.10 लाख परिवारों को रियायती दर पर अनाज मिलना है. सरकार इन गरीब परिवारों को दो रुपये प्रति किलो की दर से चावल तथा तीन रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं उपलब्ध कराती है.
ई-पॉश मशीन सहित अन्य तकनीक के इस्तेमाल तथा इसमें अाने वाली अड़चन के कारण कई लाभुकों को अनाज नहीं मिल पाता है. वहीं बड़ी संख्या में समृद्ध लोगों का भी गुलाबी राशन कार्ड बन गया है. पर ऐसे ज्यादातर लोग भी अनाज नहीं ले रहे हैं. इस तरह डीलरों को आवंटित अनाज की एक बड़ी मात्रा वितरण न होने से बच जाती है, जिसका हिसाब गत एक वर्ष से नहीं हुआ है.
समाचार बुलेटिन का वितरण नहीं
इधर बैठक के दौरान आहार समाचार बुलेटिन के वितरण पर भी बात हुई. दरअसल विभाग हर माह एक समाचार बुलेटिन आहार का प्रकाशन करता है. सभी डीलरों को भी इसकी एक-एक प्रति दी जानी है. करीब 10.65 रुपये प्रति कॉपी की दर से छपने वाले इस बुलेटिन के बारे में भी ज्यादातर डीलर प्रतिनिधियों ने कहा कि यह बुलेटिन उन्हें नहीं मिलती है. कुछ ने कहा कि दो-चार बार ही मिली है.
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