रांची : झारखंड राज्य कारा दैनिक कर्मियों की सेवा नियमितीकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गयी है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में इस पर सुनवाई हुई. न्यायालय ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किये जाने पर निर्णय सुरक्षित रख लिया है. राज्य के विभिन्न काराओं में 10 वर्षों या इससे अधिक समय से 250 अस्थायी कर्मी हैं. याचिका के प्रार्थी नरेंद्र कुमार तिवारी हैं. अधिवक्ता राकेश कुमार के मुताबिक पूर्व में नरेंद्र कुमार तिवारी ने झारखंड हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने अनिश्चितकाल के लिए स्थगित रखा है.
यदि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नरेंद्र कुमार तिवारी की याचिका को स्वीकार किया जाता है, तो झारखंड राज्य के गठन के समय से कार्यरत अस्थायी कर्मियों को भी इसका लाभ मिलेगा. जेलाें में अनियमित रूप से कार्यरत अस्थाई कर्मी-दैनिक अनुबंध तदर्थ कर्मियों को नियमित करने की नियमावली जो झारखंड सरकार द्वारा 2015 में बनायी गयी थी, यह नियमावली शुरू से ही विवादों में थी. इस नियमावली का विरोध हो रहा था.झारखंड कारा कर्मी एसाेसिएशन के अध्यक्ष पांडेय शिशिर कांत ने भी इसका विराेध िकया था. इस नियमावली के कारण राज्य गठन के बाद से सरकारी कार्यालयों में कार्यरत अस्थाई कर्मी-दैनिक अनुबंध तदर्थ कर्मियों को नियमित नहीं किया जा रहा था, जबकि झारखंड सरकार के ही अनेकों विभाग के ऐसे कर्मियों को इस नियमावली से अलग नियमित किया गया था.
