केंद्रीय योजनाओं की पूरी राशि लेने की कोशिश

रांची: चालू वित्तीय वर्ष के दौरान योजना मद में केंद्र सरकार से 6227 करोड़ रुपये मिलने हैं. यह राशि समय पर कैसे मिले, इस मुद्दे पर एक उच्चस्तरीय बैठक मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती की अध्यक्षता में हुई. बैठक में यह सवाल उठा कि यदि विधायक कोष की राशि अग्रिम निकासी की जा सकती है, तो […]

रांची: चालू वित्तीय वर्ष के दौरान योजना मद में केंद्र सरकार से 6227 करोड़ रुपये मिलने हैं. यह राशि समय पर कैसे मिले, इस मुद्दे पर एक उच्चस्तरीय बैठक मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती की अध्यक्षता में हुई. बैठक में यह सवाल उठा कि यदि विधायक कोष की राशि अग्रिम निकासी की जा सकती है, तो केंद्रीय योजनाओं की क्यों नहीं. हालांकि काफी विचार के बाद भी इसका कोई नतीजा नहीं निकल सका.

चालू वित्तीय वर्ष से विभिन्न योजनाओं के लिए केंद्रीय सहायता की राशि अब सीधे संबंधित एजेंसी को नहीं मिलेगी. योजना आयोग के निर्देश के आलोक में अब यह राशि राज्य सरकार के माध्यम से योजनाओं पर खर्च की जायेगी. पहले यह राशि ड्राफ्ट के माध्यम से डीआरडीए सहित अन्य संस्थाओं को सीधे मिलती थी. नयी प्रणाली लागू होने की वजह से केंद्रीय राशि निर्धारित समय सीमा के अंदर खर्च करना जरूरी है अन्यथा राशि लैप्स हो जायेगी.

इस बात के मद्देनजर अधिकारियों ने विमर्श किया कि इस राशि का इस्तेमाल समय पर कैसे किया जाये. कुछ योजनाएं ऐसी हैं, जिनके पूरा होने का समय दूसरे वित्तीय वर्ष से शुरू होता है. ड्राफ्ट से राशि मिलने पर इस तरह की योजनाओं के क्रियान्वयन में सरकार को कोई परेशानी नहीं होती थी. विचार-विमर्श के दौरान कुछ अधिकारियों द्वारा यह तर्क पेश किया गया कि केंद्रीय योजनाओं की राशि भी विधायक निधि की तरह अग्रिम निकाली जाये. यदि विधायकों के लिए नियम शिथिल किया जा सकता है, तो आम लोगों की योजनाओं के लिए नियमों को शिथिल किया जाना चाहिए. हालांकि बैठक में इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन सकी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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