रांची : पहाड़ी मंदिर में अब तक शुरू नहीं हुई तैयारियां, 15 दिनों बाद शुरू होगा श्रावण मास

रांची : एक पखवारे के बाद श्रावण मास की शुरुआत हो जायेगी, लेकिन राजधानी के पहाड़ी मंदिर में अब तक किसी प्रकार की तैयारियां शुरू नहीं हुई हैं. उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित पहाड़ी मंदिर विकास समिति की प्रारंभिक बैठक भी अब तक नहीं हुई है. पहाड़ी मंदिर में श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को […]

रांची : एक पखवारे के बाद श्रावण मास की शुरुआत हो जायेगी, लेकिन राजधानी के पहाड़ी मंदिर में अब तक किसी प्रकार की तैयारियां शुरू नहीं हुई हैं. उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित पहाड़ी मंदिर विकास समिति की प्रारंभिक बैठक भी अब तक नहीं हुई है. पहाड़ी मंदिर में श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को 50 हजार से अधिक भक्त भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं.
अन्य दिनों में 10 हजार श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए आते हैं. मंदिर का पट सुबह चार बजे ही भक्तों के लिए खोल दिया जाता है. इसको लेकर सीढ़ियों पर लाइटिंग और अन्य सुविधाएं भी मेले के दौरान दी जाती हैं.
जिला प्रशासन की तरफ से भीड़ को देखते हुए पिछले कुछ वर्षों से भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए अरघा लगाने की परंपरा शुरू की गयी है.
पहाड़ी मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण की वजह से नये रास्ते में फिलहाल जलापूर्ति पाइपलाइन बिछायी जा रही है. इस रास्ते से मंदिर परिसर तक पहुंचने में दिक्कतें भी होंगी. सीढ़ियों के जरिये मुख्य मंदिर तक पहुंचने का रास्ता ही एकमात्र विकल्प है.
भक्तों को 400 से अधिक सीढ़ियां चढ़ कर बाबा मंदिर तक पहुंचना होता है. पूर्व में भक्तों और कांवरियों के ठहरने के लिए एक विश्रामागार था, जिसे जीर्णोद्धार कारणों से तोड़ दिया गया है. अब कांवरिये सीढ़ियों की ओट में ही सुस्ताने का काम करते हैं.
पिछले वर्ष श्रावणी मेले के दौरान मुख्य मंदिर के पास की एक दीवार और पेड़ गिर गयी थी, जिससे मंदिर के स्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा था. श्रद्धालुओं के लौटने का मार्ग भी अब जीर्ण-शीर्ण पड़ा हुआ है. इसकी विशेष मरम्मत की आवश्यकता भी है. मुख्य मंदिर के पास और पिछले हिस्से में मिट्टी का कटाव लगातार होने से भी इस बार श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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