स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर सुविधा दें, ताकि लोग निजी अस्पताल न जायें
रांची : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अपर सचिव सह अभियान निदेशक मनोज झालानी ने शनिवार को आयुष्मान भारत व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की. आइपीएच सभागार, नामकुम में आयोजित इस समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि हमें यह कोशिश करनी होगी कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
रांची : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अपर सचिव सह अभियान निदेशक मनोज झालानी ने शनिवार को आयुष्मान भारत व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की. आइपीएच सभागार, नामकुम में आयोजित इस समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि हमें यह कोशिश करनी होगी कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध दें, ताकि लोगों को निजी अस्पताल न जाना पड़े. श्री झालानी ने अभियान से जुड़े चिकित्सकों को हर तरह की ट्रेनिंग देने तथा फर्स्ट रेफरल यूनिट में गाइनोक्लोजिस्ट को पदस्थापित करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि यहां कहीं सौ तो कहीं तीन सर्जरी होती है.
इस लोड को कम करना होगा. उन्होंने मातृ मृत्यु से संबंधित जानकारी देने पर एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने तथा 108 एंबुलेंस में सभी फर्स्ट रेफरल यूनिट का मैप उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
राज्य की स्वास्थ्य सचिव निधि खरे ने कहा कि लगातार प्रयास करें, तो मातृ मृत्यु दर को दो अंकों पर लाया जा सकता है. समीक्षा के दौरान अभियान निदेशक कृपानंद झा, एनएचएसआरसी के सलाहकार हिमांशु भूषण, निदेशक प्रमुख डॉ सुमंत मिश्रा व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अपर सचिव ने एनएचएम के कार्यक्रमों की समीक्षा की
मातृ मृत्यु की जानकारी देने वाले को एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का निर्देश