रांची : कल्याण विभाग ने फैसला किया है कि विभाग के तहत संचालित सभी एकलव्य व आश्रम विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी. इन विद्यालयों में छठी से 12वीं कक्षा (जहां प्लस-टू है) तक अंग्रेजी माध्यम में ही पढ़ाई करने की घोषणा जल्द की जायेगी.
विभाग के तहत कुल 18 एकलव्य व आश्रम विद्यालय संचालित हैं. इन सबकी मान्यता सीबीएसइ से ली जा रही है. चार विद्यालयों को सीबीएसइ ने मान्यता दे दी है. तीन को मिलने वाली है. शेष 11 विद्यालयों की मान्यता संबंधी प्रक्रिया चल रही है. वहीं विभाग के अन्य एससी, एसटी व अोबीसी विद्यालयों में पहले की तरह हिंदी माध्यम में ही पढ़ाई होगी.
दरअसल अपने विद्यालयों को न सिर्फ मुख्यधारा में लाने, बल्कि वहां पठन-पाठन का स्तर बेहतर सरकारी या निजी विद्यालयों के स्तर पर लाने के लिए विभाग ने यह पहल की है. यह निर्णय भी हुआ है कि जिन एकलव्य व आश्रम विद्यालयों में प्लस-टू की पढ़ाई होती है, वहां दसवीं के बाद सिर्फ साइंस की पढ़ाई होगी. जिन विद्यार्थियों को कॉमर्स या आर्ट्स पढ़ना है, वे कल्याण के दूसरे विद्यालयों या अन्य स्कूलों में नामांकन करा सकते हैं.
सभी एकलव्य व आश्रम विद्यालय होंगे सीबीएसइ से संबद्ध
इन विद्यालयों को मान्यता मिली : एकलव्य विद्यालय काठीजोरिया (दुमका), आश्रम विद्यालय जामताड़ा, एकलव्य विद्यालय तोरसिंदुरी (चाईबासा) तथा आश्रम विद्यालय कुचई.
इन्हें मिलनेवाली है मान्यता : एकलव्य विद्यालय सलगाडीह तमाड़, आश्रम विद्यालय सिसई (गुमला) तथा एकलव्य विद्यालय भोगनाडीह (साहेबगंज).
इनकी मान्यता प्रक्रियाधीन है : एकलव्य विद्यालय बसिया, कुंजरा (लोहरदगा), सुंदरपहाड़ी (गोड्डा), आश्रम विद्यालय सिमरिया (चतरा), भवनाथपुर (गढ़वा), गोमिया (बोकारो), रेड़मा (पलामू), भेलवारा (हजारीबाग), पहेपाट किस्को (लोहरदगा), अर्जुनबेड़ा गुड़ाबांधा (पू सिंहभूम) व बिस्टुमपुर झिंकपानी (प सिंहभूम).
