रांची : झारखंड में सरकार के द्वारा चल रही योजनाओं में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एकजुट संस्था के तकनीकी सहयोग व डब्ल्यूएचएच ने पहल की है. इस परियोजना के तहत झारखंड के चार जिले के चार प्रखंडों खूंटी (तोरपा), दुमका (जामा), पाकुड़(लिट्टीपाड़ा) व साहेबगंज (बरहेट) में इसका क्रियान्वयन किया गया. इसके अंतर्गत ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण समिति के साथ समुदायिक उत्प्रेरण के लिए बैठक की गयी, जिसमें मुख्य रूप से स्वास्थ्य व पोषण संबंधित चर्चाएं हुईं.
परियोजना में कुल 169 ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण समिति के साथ कार्य किया गया. यह जानकारी होटल बीएनआर में आयोजित कार्यशाला में एकजुट संस्था की स्वाति ने दी. उन्होंने कहा कि समुदाय स्तर पर कार्य को संचालित करने के लिए चार स्वयंसेवी संस्था मदद कर रही थी, जिनमें लीड्स, प्रवाह, नीड्स एवं बदलाव फाउंडेशन शामिल थे. इसके तहत पाया गया कि गांव में कई काम और होने हैं और इसके लिए अनुशंसा भी की गयी. स्वाति ने बताया कि परियोजना के तहत 60 ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण समिति का पुनर्गठन किया गया. 18 नये आंगनबाड़ी केंद्र खुलवाने के लिए आवेदन दिया गया. आठ आंगनबाड़ी केंद्र में कार्य जारी है. दो नये आंगनबाड़ी केंद्र खुलवाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गयी है.
11 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का चयन किया गया. सहिया का चयन कर भी दिया गया. कार्यशाला में भोजन का अधिकार अभियान के सलाहकार बलराम, सोशल अॉडिट यूनिट जेएसएलपीएस के निदेशक गुरजीत सिंह, खूंटी के जिला कार्यक्रम प्रबंधक कानन बाला, सेव द चिल्ड्रेन के महादेव हांसदा, नलिन कुमार, डॉ अनंगदेव व दिलीप उपस्थित थे. चार जिलों से ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण समिति के सदस्यों ने भी भाग लिया.
